Chhattisgarh News सबसे पावरफुल शख्स कोई है तो वो है उस जिले का कलेक्टर. कलेक्टर के पास कई तरह की जिम्मेदारी होने के साथ ही काफी पावर होते हैं, जिनके जरिए वो अपनी सभी जिम्मेदारी को पूरा करता है.

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर छत्तीसगढ़
इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए कलेक्टर कई ऑर्डर देता है, कई परमिशन देता है. तो जानते हैं कि आखिर कलेक्टर के पास क्या-क्या पावर होती है और एक कलेक्टर का जिले में क्या काम होता है. आपको कलेक्टर काम के बारे में बताते हैं कि वो किस-किस सेक्टर में किस स्तर के काम में डील करते हैं. इससे आप समझ पाएंगे कि एक कलेक्टर की कितनी पावर होती है. वैसे तो एक जिले में होने वाले सभी कामों पर कलेक्टर की नजर होता है और कलेक्टर की निगरानी में जिले के सभी इवेंट आदि के काम किए जाते हैं. प्रशासन के काम: कलेक्टर का अहम काम होता है कि वो जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम करता है और इसके लिए उठाए गए कदम कलेक्टर की परमिशन पर होते हैं. इसके अलावा जिले में लैंड रेवेन्यु का उच्च अधिकारी भी कलेक्टर होता है, जो रेवेन्यु से जुड़े सभी फैसले लेता है. साथ ही कलेक्टर के पास फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट जितने अधिकार होते हैं.विकास कार्य में भूमिका: कलेक्टर जिले में होने वाले विकास प्लान को भी निर्देशित करता है. जब भी कोई विकास कार्य होते हैं या फिर कोई स्कीम आती है तो कलेक्टर उस पर अहम परमिशन देने का काम करता है. लोक सुरक्षा की जिम्मेदारी: कानून, ऑर्डर, पब्लिक सिक्योरिटी का ध्यान कलेक्टर की ओर से रखा जाता है. कलेक्टर ही जिले में शांति बनाए रखने का काम करते हैं और अगर जरुरत पड़े तो कर्फ्यू आदि का फैसला भी कलेक्टर की ओर से लिया जाता है. रेवेन्यु से जुड़ा काम: कलेक्टर रेवेन्यु एडमिनिस्ट्रेशन का हेड होता है और उनकी जिम्मेदारी लैंड रेवेन्यु और सरकारी बकाया वसूलने का कान होता है.




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