छतरपुर मध्य प्रदेश लोकल क्षेत्र के ट्रैक्टर बिना पिटपास एवं एवं ओवरलोड भरकर कर रहे अवैध रेत परिवहन

✍️ रिपोर्टर राजेश जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
अलीपुरा/नौगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम टीला , अलीपुरा,खकौरा, लहादरा घाट पर रेत एजेंसी के ठेकेदार द्वारा खुलेआम लिफटर डालकर जेसीबी और लिफटर की सहायता से बालू इकटठा करके दिन रात इसकी ढुलाई का कार्य किया जा रहा है। जबकी नियमों में बहती धार पर कहीं भी छेड़छाड़ कर बालू को मशीनरी से निकालने का प्रावधान नहीं है इसका साक्ष्य तस्वीर है बात यहां तक सीमित होती तो अलग बात थी ठेकेदार के गुर्गो के द्वारा तीन घनमीटर का पास राजनगर तहसील का दिया जा रहा है जबकी शहर से दर्जनो टै्रक्टर जो निकलते है उनमें सात से आठ घनमीटर बालू लदी हुई।

अगर मान लिया जाये तीन घनमीटर का पिटपास पास सही है तो पांच घनमीटर की चोरी राजस्व की किसकी सह पर की जा रही है। सूत्र बताते है एजेंसी के द्वारा राजस्व महकमे से लेकर पुलिस माईनिंग का सिस्टम सेट है। जिस कारण किसी को भी यह राजस्व चोरी नजर नहीं आ रही है और खुलेाम लिफटर और मशीनरी की सहायता से बालू का परिवहन किया जा रहा है। इस संबंध में राजस्व निरीक्षक कहते है कि टीला और गौरिहार का ठेकेदार एक है वह कहीं का भी पिटपास जारी कर सकता है। क्या टीला के पिटपास जारी नहीं हुये जो राजनगर तहसील का पिटपास नौगांव तहसील मेें जारी होगा। वह भी एक पिटपास पर एक चक्कर फ्री है उसका शुल्क पिटपास के ऊपरी तौर पर लिया जा रहा है इसकी जबाबदेही एजेंसी की होती है।

बेताहासा स्पीड हादसो को देगी जन्म
आये दिन फोरलेने पर हादसे हो रहे है और लापरवाही मे कई लोगों की मौत हो रही है अब बालू माफियाओ के टै्रक्टर स्पीड में इसलिये दौड़ रहे है उन्हेे समय सीमा मे एक चक्कर ओर लगाने के लिये जल्दी वापिस आना है उसका परिणाम है कि शहर के बीचों बीच आपको आठ घनमीटर बालू के ट्रैक्टर सरपट दौड़ते नजर आयेंगे। खुदा न खास्ता किसी दिन कोई हादसा होता है उसकी जबाबदेही माइनिंग, पुलिस और राजस्व महकमा लेने को क्या तैयार है।


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