Haryana News सर्व अनु0 जाति संघर्ष समिति ने धूमधाम से मनाई संत कबीर की जयंती

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाण
संत कबीर, जिन्हें कबीरदास या कबीर साहेब के नाम से भी जाना जाता है, की जयंती सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति कार्यालय में संत कबीर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए धूमधाम से मनाई गई जिसकी अध्यक्षता समिति के प्रधान एवं पूर्व चीफ मैनेजर चन्दन सिंह जालवान द्वारा की गई । बैठक का संचालन सर्व समाज के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था, दिल्ली के प्रमुख सलाहकार बिरदी चंद गोठवाल द्वारा किया गया । गोठवाल ने बताया कि संत कबीर का जन्म कांशी में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन 1398 में हुआ था और यही वजह है कि हर वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही उनकी जयंती मनाई जाती है । संत कबीर ने अपना पूरा जीवन समाज की बुराईयों को दूर करने में लगा दिया । संत कबीर ने भी अपने दोहे में कहा है कि “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझ से बुरा ना कोय” मेघवाल समिति, अलवर के सुन्दर लाल भटेड़िया ने कहा कि दोहे के रूप में उनकी रचनाएं आज भी गायी जाती हैं । संत कबीर ने हमेशा समाज में फैल रहे अंधविश्वास, रूढ़िवाद व पाखंड का घोर विरोध किया, वहीं समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान ने कहा कि कबीरदास एक समाज सुधारक ही नहीं, बल्कि वे आध्यात्मिक रहस्यवाद के उच्च कोटि के कवि व संत थे । मूर्ति पूजा का घोर विरोध करते हुए संत कबीर ने कहा कि “पाहन पूजे हरि मिले तो मैं पूजूं पहार, वा ते तो चाकी भली, पीसी खाय संसार ।।” सामाजिक समानता के लिए कबीर साहेब ने कहा है ” कबीरा कुंआ एक है, पानी भरे अनेक । बर्तन में ही भेद है, पानी एक समान “।। अंत में प्रधान द्वारा जयंती के अवसर पर पधारने पर सभी का धन्यवाद किया । इस अवसर पर समिति के प्रमुख सलाहकार शिवनारायण मोरवाल, मेघवाल समिति, अलवर के अध्यक्ष ओमप्रकाश, गुरु रविदास महासभा के प्रधान बलबीर सिंह बबेरवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश चांवरिया, मैनेजर जयपाल सिंह, खण्ड प्रधान पतराम खिंची, रोहतास बबेरवाल, सुमेर सिंह गोठवाल, लालचंद, मामराज अहरोदिया, शारदा खन्ना, रामचंद्र गोठवाल, महासचिव धर्मपाल सिंह, सुभाष चन्द बहरोड़, मुकेश कुमार गोठवाल, संजय कुमार छाछिया, एम आर सांवरिया, करतार सिंह, रामशरण हुडीना, छोटूराम भाटी, हरि सिंह हुडीना, शेर सिंह आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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