Madhya Pradesh News शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील में विनय चमाडिया और रामजी तिवारी को प्रशासन का और एसडीएम और तहसीलदार का नाममात्र का खौफ नहीं रहता है भू-माफिया विनय चमाडिया और रामजी तिवारी एक्टिव दिखाई देते हैं।

रिपोर्टर अभिषेक तिवारी शहडोल मध्य प्रदेश
इन भू-माफियाओं को प्रशासन का नाममात्र भी खौफ नहीं हैं। बिना रजिस्ट्रेशन और डायवर्सन के प्लॉटों को नहीं बेच सकते और नगर पालिका के अधिकारी और पटवारी की मिलीभगत के चलते धड़ल्ले से बेचा और खरीदा जा रहा है। जबकि शासन का नियम है कि बिना लाइसेंस और डायवर्सन के प्लॉटों की बिक्री नहीं की जा सकता है कलेक्टर शहडोल से निवेदन है इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएभू-माफिया कृषि भूमि पर प्लाटिंग करके लोगों के साथ छलावा कर रहे हैं। जिसकी भनक अधिकारियों को भी नहीं है। शहडोल जिले के ब्यौहारी में ऐसी कोई कॉलोनी नहीं है जिसका रेरा का रजिस्टर्ड हो । जिनमें से में शहडोल जिले के कलेक्टर महोदय जी से निवेदन करता हूं प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी जाए । ऐसे में यह के दलाल अच्छे खासे पैसे कमा रहे हैं एक पल्टा में कम से कम 5 से 7 लाख रुपए कमा रहे हैं किसी के पास रजिस्टर्ड नहीं है। हालांकि एसडीएम के अनुसार शहर में हो रहे अतिक्रमण और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्रशासन की तैयारियां चल रही हैं। जल्दी ही मनमानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होगी। जिले भर में धड़ल्ले से प्लाटिंग काटकर जमीन बेचने का काम जोरों पर है। इस काम में सबसे बड़ा योगदान यह के पटवारी राजकुमार पटेल का रोल रहता है पटवारी जी एक जमीन नपने का कम से कम 50 हजार से 1 लाख रुपए लेते हैं काम दामों में गरीबों की जमीन खरीद कर प्लाट बनकर अच्छे से अच्छे दामों पर बेचते हैं, लेकिन कॉलोनाइजरों द्वारा शासन के नियमों का पालन कहीं भी देखने को नहीं मिलता। आज भी कई उपभोक्ता डायवर्सन और नक्शा पास कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। और यह सब करने में नगर पालिका के अधिकारी भी शामिल रहते हैं इस लिए बिना डायवर्सन शुल्क के बिना प्लाटीग हो रहें हैं गौरतलब है कि बिना लायसेंसधारी कॉलोनाइजर की मानमानी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो शहर में ही करीब एक दर्जन से अधिक नई कॉलोनियां काटी जा रही हैं। जिनमें से एक भी कॉलोनाइजर और रेरा रजिस्ट्रेशन किसी के पास तक नहीं है। साथ ही नगर पालिका की एनओसी भी इनके पास नहीं है। मामला यहीं नहीं थमता कुछ कॉलोनाइजरों ने तो कृषि भूमि सहित सरकारी भूमि पर प्लाटिंग करके मनमाने दामों में बेच दी। और सरकार का टेक्स्ट का पैसा तक चोरी कर रहे है विनय गुप्ता का घर का निर्माण कम से कम 2 करोड रूपए की लागत से बना हुआ है इन सभी के खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए ।।

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