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Madhya Pradesh News मध्यप्रदेश की सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में दर्ज शिकायतों के फर्जी निराकरण से शिकायतकर्ता हो रहा परेशान, बड़े अधिकारी मौन

ब्यूरो चीफ धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय रीवा मध्य प्रदेश

मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले का है जहां आशीष कुमार तिवारी के साथ पैसों को लेकर धोखाधड़ी हुई थी। आशीष तिवारी का कहना है की उसने सिविल लाइन थाना रीवा में धोखाधड़ी की लिखित शिकायत की थी लेकिन संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे व्यथित होकर उसने मध्यप्रदेश की सीएमहेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की लेकिन वहां भी उसकी शिकायत का निराकरण नहीं हुआ और पदस्थ अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहें हैं। अशीष कुमार तिवारी द्वारा सीएमहेल्पलाइन मे दर्ज की गई शिकायत नंबर 2155 8515 की स्थित सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर लगभग 2 महीने तक सिविल लाइन थाना से सिरमौर थाना में कार्यवाही के लिए हस्तांतरित होती रही और इसके बाद उसने जिस नंबर से शिकायत दर्ज की थी उस नंबर को बदलकर संबंधित अधिकारियों द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल नंबर 7470852301 को उक्त शिकायत से अपडेट करके शिकायत का निराकरण किए बिना ही फर्जी तरीके से शिकायत को संतुष्ट के आधार पर बंद कर दिया गया। इसी तरह आशीष कुमार तिवारी की एक अन्य सीएम हेल्पलाइन मे दर्ज शिकायत नंबर 2214 8874 में दर्ज उसके मोबाइल नंबर 95642 68768 को किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल नंबर 6232984130 से बिना उसकी जानकारी के फर्जी तरीके से अपडेट कर दिया गया है। शिकायतकर्ता उच्च पुलिस अधिकारियों के कार्यलय में उक्त घटना की शिकायत करने के लिए भटक रहा है लेकिन शिकायत को लेने वाले और सुनने वाले सब मौन धारण किए हुए हैं जिसके कारण उसे डाक से शिकायत भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा। सीएम हेल्पलाइन मे की जा रही अधिकारियों की भर्रेशाही कार्यप्रणाली से अशीष कुमार तिवारी जैसे कई लोगो को अनावश्यक परेशान होना पड़ रहा है और मध्य प्रदेश शासन की जन समस्या निवारण की पहल विफल होती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश शासन की कुशल नीति से आम जनता को जानबूझकर वंचित करने वाले अधिकारियों की कार्य प्रणाली की त्वरित जांच कर उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर दण्डित किया जाना आवश्यक है।

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