Madhya Pradesh News कुएं मे गिरकर ट्रक मालिक की मौत,, आखिर इसका जिम्मेदार कौन

रिपोर्टर प्रदीप कुमार मिश्र त्योंथर रीवा मध्यप्रदेश
रीवा जिले के मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश की सीमा पर सोहागी चाकघाट में ओवरलोड गिट्टी बालू ट्रकों की लगी कतार का जिम्मेदार कौन था, रीवा जिले की विभिन्न थानों को पार कर चार, चार परिवहन उड़नदस्ता पार कर, जुगिनहाई टोल, झिरिया टोल नाके पार कर सोहागी परिवहन चेकपोस्ट को पारकर सोहागी चाकघाट में तीन दिन से खड़ी गाड़ी जब उत्तर प्रदेश के प्रायगराज जिले आरटीओ, खनिज विभाग की सयुक्त टीम की चेकिग के कारण रीवा जिले में शरण ले ली वही मीडिया में खबर चलने के बाद रीवा प्रशासन की नींद खुली, पुलिस गिट्टी बालू ओवरलोड ट्रकों लगभग 50 से अधिक के पहिए से हवा निकाल कर वाहवाही बटोरी,, खनिज विभाग खदेड़ कर वाहवाही बटोरी, एसडीएम, एसडीओपी ने सभी का साथ दिया परन्तु जिस व्यक्ति की इस दहशतगर्दी भगदड़ में मौत हुई है उसका जबाब दार कौन होगा,, पुलिस, परिवहन, खनिज, एवं प्रशासन की टीम का एक साथ टूट पड़ा काफिला, कार्यवाही करने की बजाय ट्रक के टायर पंचर किया,, भगदड़ मच गई चालक, खलासी पुलिस की लाठी के भय से जान बचाने भाग रहे थे,, उसका दुष्प्रभाव यह हुआ कि एक व्यक्ति लाल बाबू उर्फ पप्पू खान की मौत अंधेरे में कुएं में गिरने के बाद हो गई, जिसे उपचार के बहाने प्रयागराज भेज दिया गया था ताकि रीवा जिले का प्रशासन अपनी गलतियां ढक सकें,, सबसे बड़ा आश्चर्य जनक पहलू यह है कि उक्त घटना का जब मिडिया ने जानकारी लेने का प्रयास किया तब रीवा जिले प्रशासन के द्वारा ज़बाब दार लोग घटना को झूठा साबित करने की भरपूर कोशिश करते रहे,, ताकि मामला सामने नहीं आ सके,, वैसे भी गरीब की जिंदगी की कोई कीमत नहीं होती चाहें जिंदा रहें या प्रशासन पुलिस की दहसत गर्दी में मरे एक ट्रक मालिक जो खुद अपनी गाड़ी चला कर जीवन यापन कर रहा था बदले में मध्य प्रदेश के सरकारी मोहकमों में तैनात लोगों को घूंस की रकम भी देता रहा है तभी सोहागी परिवहन चेकपोस्ट पार करता था, परन्तु उसकी मौत का रीवा जिले में जबाव दार कौन होगा,, या हादसा निरुपित कर मामला शव के साथ ही दफ़न कर दिया जायेगा,,, रीवा जिले में बैठे जबाव दार हर मोहकमों में भरपूर घूस खोरी होती है, दो दिन से राष्ट्रीय राजमार्ग पर इतनी भीड़ संख्या में गाड़ी खड़ी थी, तो खनिज, राजस्व, पुलिस और आरटीओ विभाग गहरी नींद में सो रहे थे क्या,,,एसडीएम,एसडीओपी सहित प्रसासनिक अमला भी तब चक्का पंचर करने पहुंचे जब जिला मुख्यालय से घंटी बजी,,, इस पूरी प्रक्रिया में जो सूत्रों की माने तो रहस्य छन कर आ रहा है चोरहटा, विश्वविद्यालय, रायपुर कर्चुलियान, बैकुंठपुर, सगरा, मनग़वा, गढ़, सहित विभिन्न थाना इलाके से गुजरने वाले ओवरलोड ट्रको में राशि निर्धारित है उसके लिए बकायदा सूची एवं राशि पुलिस के गुर्गे के पास जमा होती है, जिसका जीता जागता उदाहरण है की त्यौंथर अनुभाग के विभिन्न विभागीय अधिकारियों के कार्यालय से ज्यादा बगले में भीड़ रहती है साहब लोग इलाके के कई माफियाओं भी माफिया गिरी करने के लिए जमकर दलाली करते है खुद चढावा चढ़ाते है और दूसरे से भी चढ़वाते है,, इस तरह से खनिज विभाग गायब रहता है जिसका माहवारी या हिस्सा नहीं जाता तब कार्रवाई की दुकान खुलती हैं,,, परिवहन विभाग तो सरकार का बर्दहस्त प्राप्त है उसके तरह कोई देखने की हिम्मत नहीं जुटा सकते कार्रवाई तो दूर तारा है

हलकी पूरे में ओवरलोड ट्रक से टायरों की हवा निकाल कर हवा हवाई कार्यवाही हो गई वही सूत्रों की माने खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की टीम अब ओवरलोड ट्रक को अंडरलोड कराने में जुटी है… वही कार्यवाही तो हवा हवाई हो गई

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