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Madhya Pradesh News शासकीय उचित मूल्य दुकान बोरिया मैं हो रहा फर्जीवाड़ा सेल्समैन की चल रही दादागिरी

रिपोर्टर हीरालाल डेहरिया सिवनी मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के धनोरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोरिया मैं शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण में गजब का मन माही देखने को मिल रही है सेल्समैन राजेंद्र चंद्रवंशी के द्वारा अपने हिसाब से जिस व्यक्ति को जितना देना है और कितना देना है इस बात का निर्णय सेल्समैन के द्वारा किया जाता है इसकी शिकायत सरपंच अंगूरी बाई कुमरे पति रूपचंद कुमरे के द्वारा उच्च अधिकारियों को फोन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी अभी तक किसी अधिकारी ने ग्रामपंचायत बोरिया शासकीय उचित मूल्य दुकान का अभी तक कोई जांच नहीं की गई जिसमें उपसरपंच ताहिर खान एवं ग्राम पंचायत अध्यक्ष प्रकाश मर्सकोले के द्वारा भी शासकीय उचित मूल्य दुकान पर आकर जानकारी प्राप्त की गई परंतु इससे किसी प्रकार का संतुष्ट जवाब अभी तक किसी भी ग्रामीण जन को प्राप्त नहीं मिल पाई है जिससे ग्रामीण जनों में आक्रोश की स्थिति बन रही है और यह भी बताया गया कि प्रत्येक सदस्य से किसी से 1 किलो और किसी से 2 किलो राशन काट कर राशन का भुगतान किया जा रहा है जिससे सभी लोगों में एक नाराजगी देखने को मिल रही है और भविष्य में यदि इसका निराकरण जल्द से जल्द नहीं किया गया तो ग्रामीण जनों के द्वारा बताया गया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की जाएगी जिसके जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी जब हमने सेल्समैन से बात करने को कहा तो आज दिनांक 26 5 2023 को सेल्समैन राजेंद्र चंद्रवंशी अनुपस्थित पाया गया और उनके द्वारा भेजे गए कर्मचारियों के द्वारा पता चला कि यह राशन जो कम प्राप्त हो रहा है वह ऊपर उच्च अधिकारियों के द्वारा ही काटकर पहुंचाया जा रहा है इस स्थिति में मैं किस प्रकार से ग्रामीण जनों को पूरा राशन उपलब्ध कैसे करूं इस वजह से, मुझे भी परेशानी हो रही है और उच्च अधिकारियों के द्वारा जिस प्रकार का निर्देश हमें प्राप्त हुआ है इस हिसाब से मैं राशन का वितरण कर रहा हूं जबकि मध्य प्रदेश शासन का स्पष्ट निर्देश है कि प्रत्येक गरीब परिवार को 5 किलो अनाज का वितरण करना अनिवार्य है परंतु आज बोरिया में देखा जा रहा है कि यहां राशन पर भारी कटौती की जा रही है और यह एक पहला मामला नहीं है इससे भी पहले कई बार ऐसा किया जा चुका है ग्रामीण जनों के द्वारा यह सब बार-बार देखने पर ग्रामीण जनों पर आक्रोश की भावना बन रही है !

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