Haryana News महिपाल मेघवाल की निर्मम हत्या के दोषियों को गिरफ्तार ना करने पर विभिन्न संगठनों ने लिया कड़ा संज्ञान- न्याय के लिए सरकार को लिखा पत्र
खेतड़ी में शव के साथ तीसरे दिन भी ग्रामीण व संगठनों का धरना जारी 24 मई को जातिगत भेदभाव से की थी महिपाल मेघवाल की हत्या

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाणा
नारनौल 26 मई खेतड़ी में महिपाल मेघवाल हत्याकांड के मामले में दरिंदों को गिरफतार ना करने व पुलिस द्वारा मामले को रफा-दफा करने की अव्यवहारिक कार्यशैली के विरोध में ग्रामीण व विभिन्न सामाजिक संगठन गत तीन दिन से शव के साथ धरना देकर न्याय के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन बैठक का आयोजन संघर्ष समिति कार्यालय में प्रधान चन्दन सिंह जालवान की अध्यक्षता में किया गया । बैठक का संचालन हरियाणा एससी बीसी महासभा के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था दिल्ली के प्रमुख सलाहकार बिरदी चंद गोठवाल द्वारा किया गया । बैठक में इस जघन्य हत्या की घोर भर्त्सना की गई और समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान, महासचिव बिरदी चंद गोठवाल, महर्षि वाल्मीकि सभा के प्रधान जोगेंद्र जैदिया, खटीक सभा के पतराम खिंची, धानक सभा के शिवनारायण मोरवाल, कोली सभा के तोताराम, डॉ अंबेडकर जन जाग्रति मंच के जसवंत भाटी, संघर्ष समिति नांगल चौधरी के रोहतास बबेरवाल, भारतीय सामाजिक परिवर्तन संघ के सुमेर सिंह गोठवाल व कबीर सामाजिक उत्थान संस्था दिल्ली के प्यारेलाल चवन आदि ने अपने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र राष्ट्रपति, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, मुख्यमंत्री व राजस्थान पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर हत्या के दोषियों को गिरफ्तार करने के साथ साथ मृतक के आश्रितों को 50 लाख रुपए देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराने की मांग की है ।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शव के साथ धरने पर बैठे ग्रामीण व सभी संगठनों को सहयोग देने के लिए आज ही खेतड़ी पंहुचकर धरना प्रदर्शन में भाग लेंगे । गोठवाल ने बताया कि 24 मई को खरकड़ा निवासी महिपाल मेघवाल कोपर कम्पनी से कार्य करने के बाद घर जा रहा था और बीच रास्ते में स्थित भैरूं के मंदिर में आस्था के रूप में रूका, जहां मंदिर में पहले से मौजूद खरकड़ा निवासी विकास गुर्जर, मनोज गुर्जर व अन्य दो तीन लोगों के साथ मिलकर महिपाल मेघवाल पर लात घूसों से कातिलाना हमला कर दिया। इस हमले में महिपाल मेघवाल की मौत हो गई। यहां यह अचरज का विषय है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए बिना ही मामले को रफा-दफा करने की मंशा से मृतक का पोस्टमार्टम तक कर दिया। मृतक के छोटे भाई रोहित चोपड़ा द्वारा एफआईआर की नकल मांगने पर खेतड़ी डिप्टी हजारीलाल खटाना द्वारा यह कहना हास्यास्पद ही है कि अंतिम संस्कार करीए, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद जांच उपरांत ही एफआईआर दर्ज होगी। इस मामले में नाम उजागर होने के बाद भी मूकदर्शक बनकर दोषियों को गिरफ्तार ना करने से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस दोषियों से मिली हुई है और इस प्रकार पुलिस की अव्यवहारिक कार्यशैली एक संदेह के घेरे में आती है । इससे यह भी जाहिर है कि हत्या और अत्याचार के संगीन मामलों को रोकने में राजस्थान सरकार विफल हो रही है। हरियाणा के विभिन्न संगठनों ने इस निर्मम हत्या की घोर भर्त्सना की है और सरकार को चेतावनी दी है कि सर्व अनु0 जाति संघर्ष समिति अपने सहयोगी संगठनों के साथ खेतड़ी पंहुचकर शव के साथ धरने पर बैठे ग्रामीण व संगठनों को न्याय दिलाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर पूर्ण सहयोग दिया । इस अवसर पर संघर्ष समिति के सचिव हजारीलाल खटावला, पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक जयपाल सिंह, होल्दार सुमेर सिंह, कंवर सिंह बौद्ध, अमरनाथ सिरोहा, लक्ष्मीचंद, प्रवीण आदि उपस्थित रहे।
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