Madhya Pradesh News संसद भवन उदघाटन के कार्यकर्म का विपक्षी राजनीतिक दलों बहिष्कार कितना सही !
उदघाटन के मामले को लेकर गए सुप्रीम कोर्ट?

रिपोर्टर आरती पवार बुरहानपुर मध्यप्रदेश
मान – अपमान के गणित से बाहर निकलना होंगा।
मान – अपमान की इतनी चिंता है तब आजादी के 76 वर्षो के बाद भी आरक्षण का दंश एक वर्ग अब भी झेल रहा है! शुद्ध पीने के पानी पीने के लिए तरस रहा है! शौचालय के लिए खुले मैदान की और दौड़ रहा है। गरीबी रेखा में जीवन व्यापन करने वाला तबका अब भी बडी स्कूलों में अनिवार्य शिक्षा का लाभ उठा नही पा रहा! इनके मानक पर बने नियम को धनाढय का बच्चा उठा रहा! देश की राजधानी में तंदूर में बेटी जल रही थीं! राजस्थान में भंवरी देवी मर रही थीं!ऐसे कई विषय जिस पर किसी राजनीतिक दल का ना मान घटा न सम्मान!
मान – सम्मान की थेवरी कहा से आ गई! भारतीय लोकतंत्र का मज़बूत स्तंभ नई संसद भवन इमारत है! या इमारत नही पुरानी परंपराओ, मूल्यों, मिसालो और नियमो के साथ सम्माननीय प्रतिष्ठान और भारतीय लोकतंत्र की नीव है। विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र वाले देश में यह विडंबना ही है एक नेता का ट्वीट आता है और 20 राजनीतिक विपक्षी दल नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार कर देता है, ट्विटर करने वाले नेता की दिमागी उपज प्रधान मंत्री उदघाटन करेंगे तो राष्ट्रपति का अपमान होंगा काम कर जाती है। क्या यह राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के बीच की मान – अपमान की खाई को गहरा करने का प्रयास मात्र तो नही है !
भारतीय लोकतंत्र का यह गौरव 862 करोड़ रुपए खर्च कर खडा हुआ है। 10दिसंबर 2020 को नरेंद्र मोदी जी ने इस भवन की आधारशिला रखी थीं। 15 जनवरी 2021से निमार्ण कार्य शुरु हुआ। कुछ महीने देरी से निर्मित इस भवन को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट प्रधान मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जा सकता है। जो 28 माह में तैयार यह भवन मजदूरों के कठोर परिश्रम, और इंजिनियर की इंजीनियरिंग का प्रतिफल है। हम मान – सम्मान के पैराग्राफ से परे रख सोचे तो पुराना संसद भवन 47 हजार 500 वर्ग मीटर की अपेक्षा नया भवन 64 हजार 500 वर्ग मीटर है दोनो की तुलना में 17 हजार वर्ग मीटर बड़ा।
नया संसद भवन 4 मंजिला और तीन दरवाजों से सुसज्जित है। इन दरवाजों को क्रमश ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार, और कर्म द्वार नाम दिया गया है। संसद सदस्य और वीआईपी के लिए अलग एंट्री द्वार है। विशेषता इस भवन पर भूकंप का असर नही होंगा। डिजाइन एचसीपी प्लानिंग और मैनेजमेंट प्रायवेट लिमिटेड ने तैयार किया। 2023 की लोकसभा में 590 लोगो की सिटिंग केपेसिटी है। नई लोकसभा में 888 सीट है विजीटर्स गैलरी में 336लोगो के बैठने का इंतजाम है। वर्तमान समय में राज्यसभा में 280 सीट की सिटिंग कैपेसिटी है। राज्यसभा में 384 सीट है और विजीटर्स गैलरी में 336से ज्यादा लोग बैठ सकते है। कैफे और डाइनिंग एरिया भी हाईटेक है। कॉमन रूम्स, महिलाओ के लिए लाउंज, वीआईपी लाउंज, की भी व्यवस्था है। आधुनिक भारत के सपने को साकार करने वाले इस (सपने) नई सांसद भवन के उदघाटन के बहिष्कार का ऐलान कर मजा किरकिरा करना समझ से परे है। देश की सबसे बडी पंचायत का भवन का सम्मान कर कार्यक्रम में उपस्थित रहने से विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ेगा। विरोध के एक हजार अवसर आयेगे। भारतीय लोकतंत्र का मूल भी यही कहता है।


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