Rajasthan News राजस्थान सवाई माधोपुर “सगाई से पहले कहा की कन्या और कलश चाहिए, लग्न पे कहा की पहले बोलोरो गाड़ी लाओ, तब लग्न झिलेगी, लेकिन फिर लड़कियों ने उठाया साहसी कदम

रिपोर्टर संजय मीणा किशोरपुरा झुंझुनू राजस्थान
हाल ही में ऐसी हो एक घटना देखने को मिली है, हुआ हुँ की गाँव “मल्लाना” के दो लड़के जिनकी सगाई (गोद भराई) हमारे गाँव में हुई, एक लड़का रेलवे में गैंगमैन (39 साल) है और दूसरा लड़का बेरोजगार(36 साल)है। दहेज़ में कोई भी चार पहिया की गाड़ी (फोर व्हीलर), कैश, फर्नीचर, ज़ेवर आदि दहेज़ देना तय हुआ. लड़की वालों ने शादी और दहेज़ की पूरी तैयारी करली। दहेज़ में फर्नीचर, कैश पैसा और गाड़ी आदि सभी लग्न के दिन ही देना तय हुआ। लड़की वाले लग्न लेके मल्लाना गाँव में गए और लड़के ने swift गाड़ी देखी तो उस गैंगमैन लड़के ने लग्न लेने से मना कर दिया और कहा की मुझे swift नहीं बोलोरो गाड़ी चाहिए नहीं तो तुम्हारी लग्न को वापिस ले जाओ । अब आपको तो पता ही है की “लड़की का बाप सदा हारा” अपनी इज्जत के लिए लड़की के बाप ने बोलोरो गाड़ी देने की हा भरी (उसी समय बुकिंग के एक लाख रुपय दीये) तब जाके रात के 3 बजे उस महान गैंगमन ने लग्न झेली। दूसरे दिन ज़ब उक्त घटना के बारे में लड़कियों को पता चला तो लड़कियों को अपने भविष्य की चिंता होने लगी की शादी हुई नहीं उससे पहले ही इन लोगो ने अपना लालची रूप दिखाना शुरु कर दिया तो शादी के बाद भी ऐसे लोग किसी भी हद तक जा सकते है। तब लड़कियों ने साहसी कदम उठाते हुए अपने बाप से कहा की हमें ऐसे लालचीयों के घर में रिश्ता जोड़ने की कोई जरुरत नहीं है, हम इन लोगो के रिश्ता नहीं करेंगे. लड़कियों की ख़ुशी के खातिर बाप भी लड़कियों की बात मान गया और मल्लाना के महान गैंगमन से शादी नहीं करने का फैसला हुआ. दो बेटियों की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई। हर दूसरे गाँव में ऐसी घटनाये हो रही है लेकिन गाँव के तथाकथित समाजसेवी/पटेल चुप है दहेज़ एक सामाजिक बुराई है और इस सामाजिक बुराई को ख़त्म करने के लिए समाज को ही सबसे पहले पहल करनी पड़ेगी



Subscribe to my channel