Madhya Pradesh News : सहकारी संस्था में ऋण वितरण को लेकर मचा हड़कंप! शाखा प्रबंधक पर किसान ने लगाए गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग
किसान का दावा—ऋण खाते में पलटी के नाम पर मांगी गई राशि, लाखों रुपये जमा कराने के बावजूद नहीं सुलझी समस्या

रिपोर्टर महेंद्र बीजपारी आगर मालवा मध्य प्रदेश
आगर। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित कानड़ में ऋण एवं खाद वितरण की व्यवस्था को लेकर एक किसान की शिकायत ने सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान गौरीशंकर सूर्यवंशी ने संस्था के शाखा प्रबंधक पर ऋण वितरण में कथित अनियमितता, पलटी के नाम पर राशि की मांग तथा परिचित लोगों को कथित रूप से लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की मांग की है। 2.50 लाख के ऋण खाते से शुरू हुआ मामला, लाखों रुपये जमा कराने का दावा
शिकायतकर्ता किसान के अनुसार उसके किसान क्रेडिट कार्ड खाते में पूर्व से करीब 2.50 लाख रुपये का ऋण दर्ज था। किसान का दावा है कि वह ऋण माफी योजना के लिए पात्र था, इसके बावजूद खाते में बार-बार पलटी करने के नाम पर राशि जमा कराने की मांग की गई।किसान ने शिकायत में अलग-अलग समय पर राशि जमा कराने का उल्लेख करते हुए बाद में करीब 5.70 लाख रुपये नकद जमा कराने की बात कही है। शिकायतकर्ता ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संबंधित दस्तावेजों एवं खाते की जांच कराने की मांग की है।
ऋण और खाद वितरण में भी कथित गड़बड़ी के आरोप किसान गौरीशंकर सूर्यवंशी ने अपनी शिकायत में केवल व्यक्तिगत ऋण खाते का मामला नहीं उठाया है, बल्कि संस्था में ऋण वितरण और खाद वितरण की पूरी व्यवस्था की जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संस्था में कथित तौर पर कुछ परिचित लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऋण वितरण में हेरफेर किया जा रहा है। वहीं कुछ किसानों से भी पलटी के नाम पर राशि की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शाखा स्तर पर समाधान नहीं हुआ तो अधिकारियों के दरवाजे पहुंचा किसान शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने पहले संस्था के स्तर पर ही मामले का समाधान कराने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो सका। इसके बाद किसान ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है।
शाखा प्रबंधक की नियुक्ति से अब तक के कामकाज की जांच की मांग किसान ने मांग की है कि शाखा प्रबंधक की नियुक्ति के बाद से संस्था में किए गए सभी ऋण वितरण, ऋण खातों की पलटी, खाद वितरण, नकद लेन-देन एवं अन्य वित्तीय कार्यों की रिकॉर्ड के आधार पर विस्तृत जांच कराई जाए।
साथ ही किसान ने मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जांच के बाद ही सामने आएगी असली तस्वीर
इस शिकायत के सामने आने के बाद सहकारी संस्था की ऋण वितरण व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और संस्था के रिकॉर्ड की जांच में क्या सामने आता है।
महत्वपूर्ण: शाखा प्रबंधक के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों की वास्तविकता विभागीय जांच, संस्था के रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी महेन्द्र बीजापारी कि रिपोर्ट




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