Uttar Pradesh News : बेबस गरीबी, गिरी छत और त्रिपाल का सहारा: समथर के वार्ड 7 में ‘आवास योजना’ के दावों की खुली पोल
रिपोर्टर आरिफ झाँसी उत्तर प्रदेश
समथर (झांसी)। एक तरफ जहां ‘सबको पक्की छत’ देने के सरकारी दावों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, वहीं बुंदेलखंड के झांसी जिले की नगर पालिका समथर का वार्ड नंबर 7 सिस्टम की बेरुखी और जमीनी हकीकत की दर्दनाक तस्वीर पेश कर रहा है। यहां दर्जनों पात्र गरीब परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से महरुम होकर इस भीषण मौसम में पन्नी और त्रिपाल के नीचे जिंदगी बसर करने को मजबूर हैं बारिश में ढहे मिट्टी के आशियाने, प्रशासनिक चौखट पर सिर्फ फरियाद हालिया बरसात ने इन लाचार परिवारों पर दोहरी मार मारी है। कच्चे और मिट्टी के मकान ढह जाने के बाद अब इनके पास सिर छिपाने के लिए महज़ एक पन्नी (प्लास्टिक शीट) का सहारा बचा है।

मजदूरी करके किसी तरह बच्चों का पेट पालने वाले इन परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे महंगाई के दौर में दो वक्त की रोटी का इंतजाम करें या आशियाना बनाएं पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे कई बार खटखटाए, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासनों की घुट्टी पिलाकर वापस भेज दिया गया पात्रों को दुत्कार, अपात्रों पर मेहरबानी: निष्पक्ष जांच की मांग वार्डवासियों ने सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि योजना का लाभ उन लोगों की झोली में डाला जा रहा है जो पहले से सक्षम हैं, जबकि जिनकी छत गिर चुकी है और जिन्हें सबसे पहले छत की जरूरत है, उन्हें दर-दर भटकने छोड़ दिया गया है पीड़ित परिवारों का कहना है कि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार अधिकारी उनका हाल पूछने तक नहीं आया। बेघर हो चुके इन परिवारों ने अब जिला प्रशासन और जिलाधिकारी झांसी से गुहार लगाई है



Subscribe to my channel