Madya Pradesh News : मछंड से मिहोना तक गरजी रैली, गूंजे ‘UGC का काला कानून वापस लो’ के नारे
UGC आरक्षण और SC/ST एक्ट के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

जूनियर रिपोर्टर ऋषि मोहन शिवहरे भिंड म.प्र.
मिहोना/मछंड । भिंड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मछंड इलाके में सोमवार को UGC आरक्षण एवं SC/ST एक्ट सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। रायपुरा रोड स्थित पेट्रोल पंप, मछंड से शुरू हुई रैली करीब सात किलोमीटर का सफर तय करते हुए मिहोना तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और विभिन्न नारों के साथ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
रैली के दौरान
स्वर्ण एकता जिंदाबाद
UGC का काला कानून वापस लो सहित अन्य नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान मोदी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार हरिओम पचौरी को सौंपा।
‘कानूनों से समाज में बढ़ रही दूरी’—प्रदर्शनकारियों ने उठाई आवाज , ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं श्री राजपूत करणी सेना से जुड़े सत्यपाल सिंह भदौरिया ने कहा कि UGC आरक्षण एवं SC/ST एक्ट सहित जिन कानूनों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है, उन्हें पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इन कानूनों के कारण समाज में भाईचारा प्रभावित हो रहा है और जातियों के बीच दूरी बढ़ने की स्थिति बन रही है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि ऐसे कानूनों को जल्द से जल्द समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाएं, ताकि देश की जनता के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचे और सभी लोग आपसी भाईचारे एवं एकता के साथ रह सकें।
‘गांव से बाजार तक खत्म हो रहा भाईचारा’ , प्रदर्शन में शामिल देवेन्द्र सिंह असनेहट ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि इन कानूनों को लेकर गांव, बाजार और समाज के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच भाईचारे को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को एक-दूसरे के प्रति मनुष्य के रूप में देखने के बजाय अलग-अलग नजरिए से देखने की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि देश सभी लोगों का है और समाज में आपसी भाईचारा बना रहना जरूरी है। सरकार से मांग है कि जिन कानूनों को लेकर लोगों में असंतोष है, उन पर पुनर्विचार किया जाए और इन्हें वापस लेने की दिशा में कदम उठाए जाएं।
मछंड से मिहोना तक दिखा विरोध का असर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मछंड से मिहोना तक अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। करीब सात किलोमीटर तक निकली इस रैली के बाद मिहोना तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार हरिओम पचौरी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में किसी वर्ग के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि अपने विचारों और मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से संबंधित कानूनों पर गंभीरता से विचार करने तथा समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में कदम उठाने की मांग की।
ये रहे मौजूद रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम में सत्यपाल सिंह भदौरिया श्री राजपूत करणी सेना राष्ट्रीय प्रवक्ता,देवेन्द्र सिंह असनेहट, प्रियांशू राजावत, सर्वेश सिंह राजावत,शैलू तोमर, आदर्श सिंह राजावत, विट्टू सिंह राजावत, धीरज पांडे, दीपेश उपाध्याय, अनुज उपाध्याय, शिवम बौहरे , प्रशांत शर्मा,बेटू तोमरसहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। अब देखना यह होगा कि मछंड से उठी यह आवाज शासन और केंद्र सरकार तक कितनी मजबूती से पहुंचती है और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या रुख सामने आता है।



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