Jharkhand News : कांटापहाड़ी हादसे की बरसी पर उठा सुरक्षा का सवाल, BCCL से जवाबदेही की मांग
पहले सुरक्षा, फिर उत्पादन’, आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में नियमों के पालन की मांग
ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
कतरास। कांटापहाड़ी की मां अंबे आउटसोर्सिंग परियोजना में हुए हादसे को एक वर्ष पूरा होने के बाद एक बार फिर खदानों में श्रमिक सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है। हादसे में पांच मजदूरों की मौत हुई थी। घटना की बरसी पर कोयलांचल जन सुरक्षा एवं अधिकार समिति ने बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए प्रबंधन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष विशाल कुमार महतो ने इस संबंध में बीसीसीएल एरिया-IV के महाप्रबंधक को पत्र सौंपा। इसमें विभिन्न आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए संबंधित प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई है। कई परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल समिति ने कांटापहाड़ी के अलावा भूमि आउटसोर्सिंग, आरके कोल माइंस समेत अन्य परियोजनाओं में सुरक्षा से जुड़ी कथित समस्याओं की ओर प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया है। समिति का आरोप है कि खदानों में उत्पादन पर जोर के बीच श्रमिकों की सुरक्षा को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।

विशाल कुमार महतो ने कहा कि खनन क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर प्रतिदिन जोखिम के बीच काम करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रबंधन से नियमित सुरक्षा निरीक्षण, नियमों के अनुपालन और खामियों को तत्काल दूर करने की मांग की। ‘हादसे का इंतजार नहीं किया जा सकता’ विशाल कुमार महतो ने कहा कि एक वर्ष पूर्व कांटापहाड़ी में पांच मजदूरों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से कदम उठाए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि किसी नए हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा, “एक साल पहले पांच मजदूरों की जान गई थी। अब किसी और हादसे का इंतजार नहीं किया जा सकता। पहले सुरक्षा, फिर उत्पादन की नीति पर काम करना होगा।” मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और उठाई गई मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। इसके तहत बीसीसीएल एरिया-IV कार्यालय के घेराव की भी चेतावनी दी गई है। समिति ने प्रबंधन से मांग की है कि सभी आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर कमियों को चिह्नित किया जाए और उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर कराया जाए। साथ ही कोल माइंस रेगुलेशन, 2017 के प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की मांग की गई है। फिलहाल समिति की ओर से लगाए गए आरोपों और मांगों पर बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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