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Jharkhand News : एक माह में फिर शुरू हो सकता है सेंद्रा-बांसजोड़ा का प्रभावित कोयला उत्पादन

पावर प्लांटों को निर्बाध कोयला आपूर्ति पर BCCL का जोर, सिजुआ क्षेत्र में CMD ने दिए कई निर्देश

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड

धनबाद/लोयाबाद। देश के पावर प्लांटों तक कोयले की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। मानसून के कारण खदानों में पानी भरने से प्रभावित उत्पादन को जल्द पटरी पर लाने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने रविवार को सेंद्रा-बांसजोड़ा कोलियरी के उत्खनन पैच का निरीक्षण किया। उन्होंने खदान में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के साथ अधिकारियों को पानी की निकासी में तेजी लाने के निर्देश दिए। CMD ने उम्मीद जताई कि जल निकासी की प्रक्रिया तेज होने पर करीब एक महीने के भीतर प्रभावित आउटसोर्सिंग पैच में दोबारा कोयला उत्पादन शुरू किया जा सकता है।

पावर प्लांटों को आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में CMD ने कहा कि मौजूदा समय में पावर प्लांटों की कोयले की आवश्यकता को पूरा करना कंपनी की प्राथमिकताओं में है। खदान से लेकर साइडिंग और साइडिंग से पावर प्लांट तक कोयले की निर्बाध ढुलाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिजुआ क्षेत्र BCCL के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में रहा है। यहां बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन होता है, लेकिन मानसून के दौरान कुछ खदानों में पानी भरने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। अब जल निकासी की क्षमता बढ़ाकर उत्पादन को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश रविवार दोपहर करीब 12 बजे CMD सेंद्रा-बांसजोड़ा कोलियरी पहुंचे। उन्होंने व्यू प्वाइंट से जलभराव वाले उत्खनन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद खदान के नक्शे का अवलोकन कर अधिकारियों से उत्पादन और जल निकासी की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान CMD ने पानी निकालने के लिए अतिरिक्त मोटर पंप लगाने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाकर उत्पादन बहाली के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। दो महीने से प्रभावित है आउटसोर्सिंग पैच निचितपुर और सेंद्रा-बांसजोड़ा कोलियरी में विभागीय तथा आउटसोर्सिंग, दोनों माध्यमों से कोयला उत्पादन होता है। विभागीय स्तर पर उत्पादन जारी है, जबकि जलभराव के कारण आउटसोर्सिंग पैच में करीब दो महीने से उत्पादन प्रभावित बताया गया है।

कंपनी प्रबंधन अब जल निकासी के साथ उत्पादन बहाली की समयसीमा को कम करने पर जोर दे रहा है। CMD के निर्देश के बाद अतिरिक्त पंप और अन्य संसाधनों की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। 25 अक्टूबर तक छुट्टी नहीं लेने का निर्देश सिजुआ क्षेत्र के उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने के लिए CMD ने संबंधित विभागाध्यक्षों को विशेष निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उत्पादन लक्ष्य पूरा करने के अभियान के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी 25 अक्टूबर तक अवकाश नहीं लें। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने और उत्पादन के साथ-साथ कोयला प्रेषण की गति बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक निर्झर चक्रवर्ती, एपीएम जगदीश कर्मकार, बांसजोड़ा कोलियरी के पीओ अनिल कुमार वर्मा, कंकनी कोलियरी के पीओ धीरज कुमार सिन्हा, जीएम एक्सकेवेशन संजय सिंह, तेतुलमारी के पीओ सुनील कुमार दास, प्रबंधक कमलेश कुमार, सर्वेयर एसके मित्रा, विजय यादव, मो. तारिक हुसैन आबिद, रामराज भर, एस. मेहता, एरिया इंजीनियर लोकेश जैन, गौरव कुमार, हर्ष अग्रवाल, एस. पांजा और राजेश चक्रवर्ती समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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