Chhattisgarh News : कुसमुंडा के विकास नगर में 120 एमडी आवास जर्जर घोषित: एसईसीएल का मकान खाली करने का नोटिस, कर्मचारियों में वैकल्पिक आवास को लेकर असमंजस
रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
प्रबंधन द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि इन 120 एमडी आवासों की संरचनात्मक स्थिरता प्रभावित हो चुकी है और ये कभी भी ढह सकते हैं। इसी वजह से प्रबंधन ने इन्हें ‘राइट ऑफ’ कर तत्काल खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। वैकल्पिक आवास के अभाव में बढ़ीं कर्मचारियों की चिंताएं नोटिस जारी होने के बाद कॉलोनी में रह रहे कर्मचारियों में भारी असमंजस और असंतोष का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि: अलॉटमेंट का इंतज़ार: प्रबंधन ने मकान तुरंत खाली करने का आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन अब तक कर्मचारियों को रहने के लिए कोई दूसरा क्वार्टर (वैकल्पिक आवास) अलॉट नहीं किया गया है। बेघर होने का खतरा: बिना नया क्वार्टर मिले अचानक पुराना मकान खाली करने के निर्देश से कर्मचारियों के सामने परिवार सहित बेघर होने की नौबत आ गई है। असुरक्षा के साथ-साथ आवास संकट: कर्मचारी इस बात से चिंतित हैं कि यदि वे असुरक्षित आवास खाली करते हैं, तो वे अपने परिवार के साथ कहां जाएं? सार्वजनिक सूचना के मुख्य बिंदु: आवासों की स्थिति: विकास नगर स्थित 120 एमडी आवास अत्यंत जर्जर और असुरक्षित हैं, जो कभी भी आंशिक या पूर्ण रूप से ध्वस्त हो सकते हैं। तत्काल खाली करने का निर्देश: जनहित और जान-माल की सुरक्षा के तहत आवासों को अविलंब खाली करने को कहा गया है।

जिम्मेदारी की शर्त: नोटिस के बाद भी मकान खाली न करने पर किसी भी संभावित दुर्घटना या नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं निवासी की होगी, प्रबंधन इसके लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
कर्मचारियों की मांग है कि प्रबंधन को मकान खाली कराने के साथ-साथ उन्हें तत्काल वैकल्पिक क्वार्टर का आवंटन भी सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि वे अपने परिवारों के साथ सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो सकें।

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