Madhya Pradesh News :कलेक्टर ने नौगांव सिविल6 अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक
अस्पताल परिसर में गंदगी फेंकने एवं एनआरसी में कम बच्चों की भर्ती पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत गुरुवार को कलेक्टर मृणाल मीना ने नौगांव क्षेत्र में विभिन्न शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण किया। इसी क्रम में उन्होंने सिविल अस्पताल नौगांव पहुंचकर अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी, एसडीएम जीएस पटेल, सीएमएचओ डॉ. आर.पी गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री मीना ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए मरीजों से सीधे संवाद किया और उपचार, दवाइयों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों के ट्रीटमेंट चार्ट का भी अवलोकन किया, जिसमें मरीजों को दी जा रही दवाइयों और उपचार की स्थिति की जानकारी देखी।

कलेक्टर ने अस्पताल स्थित न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) का निरीक्षण करते हुए वहां कम बच्चों की संख्या पर सीडीपीओ पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र में चिन्हित सैम (गंभीर कुपोषित) बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए, ताकि उन्हें बेहतर पोषण एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने एनआरसी की ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि एनआरसी में कई बच्चे 3-4 दिन रहने के बाद ही चले जा रहे हैं। इस स्थिति पर उन्होंने संबंधित अधिकारी से बच्चों को निर्धारित अवधि तक उचित देखभाल एवं उपचार उपलब्ध कराने के पश्चात ही डिस्चार्ज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच की स्थिति की भी जानकारी ली।
उन्होंने चार या उससे अधिक एएनसी (प्रसवपूर्व जांच) चेकअप कराने वाली गर्भवती माताओं के चेकअप की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी हो सके। कलेक्टर ने अस्पताल के बाहर परिसर में, जहां मरीजों द्वारा कचरा फेंके जाने की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मेट्रन को परिसर में तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परिसर में कचरा नहीं फेंकने के लिए समझाइश देने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करने को कहा।


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