Uttar Pradesh News : मथुरा, नंगला राई व रोनी छाती के किसानों ने जताई आपत्ति, बोले- किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे।

रिपोर्टर एजाज नबी जैदी मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश
मुजफ्फरनगर: गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिली। सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 की धारा 3ए की उपधारा (1) के तहत दिनांक 11 जुलाई 2026 को हिंदुस्तान टाइम्स में अर्जन हाई स्पीड एक्सेस नियंत्रित कॉरिडोर यानी गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए अधिसूचना प्रकाशित की गई थी। इसी अधिसूचना के संबंध में 02 सितंबर 2026 को प्रभावित हितबद्ध व्यक्तियों की सुनवाई एडीएम वित्त एवं राजस्व के समक्ष की गई। सुनवाई के दौरान मौजा मथुरा, नंगला राई और रोनी छाती सहित संबंधित क्षेत्रों के किसान मौजूद रहे।

किसानों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी कृषि भूमि का किसी भी प्रकार से अधिग्रहण नहीं किया जाए। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए अपनी जमीन देने के इच्छुक नहीं हैं। किसानों का कहना है कि कृषि भूमि उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है और भूमि अधिग्रहण होने से उनके सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। सुनवाई के दौरान प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर भूमि अधिग्रहण का विरोध दर्ज कराया और अपनी आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखीं। अब किसानों की आपत्तियों और सुनवाई के बाद प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई की जानी है।

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