Chhattisgarh News : ग्राम पंचायत कचंदा में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता एवं कथित फर्जीवाड़े का आरोप
भीम रेजिमेंट के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर ने जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
जनपद पंचायत नवागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कचंदा में वर्ष 2024 से अब तक कराए गए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों तथा शासकीय मद से प्राप्त राशि के उपयोग में वित्तीय अनियमितता एवं कथित फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। इस संबंध में भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रत्नाकर ने जिला कलेक्टर, जांजगीर-चांपा के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में ग्राम पंचायत कचंदा के वर्तमान सरपंच श्री खगेंद्र कश्यप एवं पंचायत सचिव श्री कल्लेराम यादव के कार्यकाल में पंचायत के विकास कार्यों एवं शासकीय राशि के उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितता होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार करीब 70–80 लाख रुपये की राशि में वित्तीय अनियमितता एवं कथित फर्जीवाड़े की आशंका व्यक्त की गई है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्य, निर्माण कार्य, सामग्री क्रय, मजदूरी भुगतान सहित विभिन्न मदों में शासन द्वारा जारी राशि के वास्तविक उपयोग के बजाय दस्तावेजों में कार्य पूर्ण दर्शाकर राशि आहरित करने तथा वास्तविक कार्य से अधिक राशि दर्शाने एवं फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका है।

शिकायत में इन बिंदुओं की जांच की मांग
1. वर्ष 2024 से अब तक ग्राम पंचायत कचंदा में कराए गए समस्त विकास एवं निर्माण कार्यों की जांच।
2. पंचायत के कैशबुक, बिल-वाउचर, भुगतान रजिस्टर, मस्टर रोल एवं अन्य शासकीय अभिलेखों की जांच।
3. पंचायत को विभिन्न शासकीय मदों से प्राप्त राशि एवं उसके व्यय का विशेष ऑडिट/वित्तीय जांच।
4. दस्तावेजों में दर्शाए गए कार्यों का स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन।
5. जांच में वित्तीय अनियमितता, फर्जीवाड़ा अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई।
6. जांच पूरी होने तक संबंधित अभिलेखों एवं शासकीय राशि से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए जाएं।
सुरेन्द्र रत्नाकर ने कहा कि शासकीय राशि जनता के विकास के लिए होती है और उसके उपयोग में पारदर्शिता एवं जवाबदेही आवश्यक है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि ग्रामीणों के बीच व्याप्त असंतोष दूर हो और शासकीय राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

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