न्यायालय के आदेश की उड़ी धज्जियां! एक साल बाद भी तालाब की जमीन पर कब्जा बरकरार
IGRS में लेखपाल ने बताया ‘मामला न्यायालय में विचाराधीन’, जबकि तहसीलदार न्यायालय दे चुका है अतिक्रमण हटाने का आदेश


मनकापुर, गोण्डा। तहसील क्षेत्र के ग्राम चांदपुर लखपतराय में तालाब की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किए करीब एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक तालाब की जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया है। वहीं, पीड़ित द्वारा IGRS पोर्टल पर शिकायत किए जाने के बाद लेखपाल की रिपोर्ट में मामले को ‘न्यायालय में विचाराधीन’ बताया गया, जिससे शिकायतकर्ता ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
ग्राम चांदपुर लखपतराय निवासी ओमप्रकाश चौहान ने गांव के तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, सुनवाई के बाद न्यायालय ने पिछले वर्ष उनके पक्ष में आदेश पारित करते हुए तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे।
आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद करीब एक वर्ष गुजर गया, लेकिन राजस्व टीम द्वारा मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। तालाब की भूमि पर अभी भी अतिक्रमण कायम है। लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण वहां झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि झाड़ियों के कारण आए दिन जहरीले सांप और बिच्छू निकलने से आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
IGRS रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल
पीड़ित ओमप्रकाश चौहान ने समाधान दिवस और IGRS पोर्टल के माध्यम से मामले में कार्रवाई की प्रगति जानने का प्रयास किया। आरोप है कि IGRS पर लगाई गई शिकायत के जवाब में लेखपाल की रिपोर्ट में मामले को न्यायालय में विचाराधीन बताया गया।
शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि तहसीलदार न्यायालय द्वारा पहले ही आदेश पारित किया जा चुका है, तो मामले को अभी भी विचाराधीन किस आधार पर बताया गया? उनका आरोप है कि इस तरह की रिपोर्ट से न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
तालाब सार्वजनिक संपत्ति, कब्जामुक्त कराने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब सार्वजनिक उपयोग की भूमि है और उसकी सुरक्षा तथा संरक्षण की जिम्मेदारी प्रशासन की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि न्यायालय के आदेश के अनुसार तालाब की भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा मौके पर साफ-सफाई भी कराई जाए।
पीड़ित ओमप्रकाश चौहान ने जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों से मामले की स्थलीय जांच, न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने तथा IGRS पर लगाई गई रिपोर्ट की जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही गलत रिपोर्ट लगाए जाने की स्थिति में संबंधित लेखपाल की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
एसडीएम बोले—मामला संज्ञान में नहीं, जांच कर होगी कार्रवाई
इस संबंध में एसडीएम मनकापुर उदित पवार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच करवाकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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