नन्हे-मुन्नों ने गीतों और पारंपरिक वेशभूषा से सजाया भोजली पर्व
नन्हे-मुन्नों ने गीतों और पारंपरिक वेशभूषा से सजाया भोजली पर्व

श्री शारदा पब्लिक स्कूल में दिखी छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की मनमोहक झलक, भोजली गीतों से गूंजा विद्यालय परिसर
बिलासपुर (लगरा)। ऋषि वाटिका कॉलोनी स्थित श्री शारदा पब्लिक स्कूल, इंग्लिश मीडियम नर्सरी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं परंपराओं से बच्चों को जोड़ने के उद्देश्य से भोजली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भोजली गीत प्रस्तुत किए और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति एवं परंपराओं का सुंदर और जीवंत वातावरण देखने को मिला।

इस अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को भोजली पर्व के महत्व एवं छत्तीसगढ़ की संस्कृति में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपनी लोक परंपराओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना भी आवश्यक है। ऐसे आयोजन बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों, सामूहिक सहभागिता तथा अपनी लोक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भोजली पर्व के आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं नन्हे विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

👩🏫 विद्यालय स्टाफ की सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रिंसिपल एवं स्टाफ पूजा सिंह, आरूषी साहू, नीलू केवट, सुलेखा सूर्यवंशी एवं महेश कुमार राजपूत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
🌾 अभिभावकों एवं ग्रामीणों का विशेष सहयोग
कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक एवं सफल बनाने में अभिभावकों और गांववासियों का भी विशेष योगदान रहा। सभी के सहयोग से बच्चों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिला।
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