IC News and Media House Private Limited


ब्रेकिंग न्यूज़

Uttar Pradesh News: तेजस की मौत पर फूटा आक्रोश, प्रबंधक राकेश त्रिवेदी और प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी पर गैर इरादतन हत्या की FIR

छह बाहरी चोटें, छठी पसली में फ्रैक्चर, छाती में खून और लीवर में चोट—पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाए सवाल

रिपोर्टर मनीष फतेहपुर, उत्तर प्रदेश

नकल की पर्ची के आरोप में रिस्टीकेट कर पिटाई और ₹1500 जुर्माने का आरोप, सौंरा के पास अचेत मिला था 17 वर्षीय छात्र कोतवाली के बाहर मां का धरना, अब पुलिस के सामने अग्निपरीक्षा—साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की उठी मांग फतेहपुर । सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शिवपुरम में कक्षा 12 के छात्र तेजस द्विवेदी उर्फ यशु की मौत का मामला अब महज एक छात्र की असामयिक मौत नहीं रह गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई चोटों और मृतक की मां नीलम द्विवेदी की तहरीर के आधार पर विद्यालय के प्रबंधक राकेश त्रिवेदी और प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी के खिलाफ सदर कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे मामले ने प्रशासनिक तंत्र के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं ।मृतक की मां ने बेटे की मौत के लिए विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान तेजस के पास नकल की पर्ची मिलने की बात कहकर उसे रिस्टीकेट किया गया और उसके साथ मारपीट की गई। साथ ही ₹1500 जुर्माना लगाए जाने का भी आरोप है।

इसके बाद छात्र की हालत बिगड़ने की बात सामने आई और वह सौंरा के पास अचेत अवस्था में मिला। उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के तथ्य ने मामले को बनाया और गंभीर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में छात्र के शरीर पर छह बाहरी चोटें दर्ज की गई हैं। दाहिनी छठी पसली में फ्रैक्चर मिला है। छाती में करीब 100 मिलीलीटर खून एवं रक्त का थक्का, बड़ी रक्त वाहिका तथा लीवर में चोट और पेट के अंदर खून जमा होने का उल्लेख है। रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 17 वर्षीय छात्र के शरीर पर इतनी गंभीर चोटें किन परिस्थितियों में आईं ? यदि छात्र विद्यालय से स्वस्थ हालत में गया था तो सौंरा के पास अचेत अवस्था में कैसे पहुंचा? उसके शरीर पर दर्ज चोटों का घटनाक्रम से क्या संबंध है? परीक्षा कक्ष से लेकर अस्पताल तक छात्र किन लोगों के संपर्क में रहा? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से सामने आना जरूरी है। मां ने कोतवाली के बाहर धरना देकर मांगा इंसाफ बेटे की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर मृतक की मां नीलम द्विवेदी ने परिजनों के साथ सदर कोतवाली के बाहर धरना दिया।

काफी देर तक चले विरोध के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रबंधक राकेश त्रिवेदी एवं प्रधानाचार्य सक्षम त्रिवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। FIR में जांच के लिए निरीक्षक सुरेश चौहान को नामित किए जाने का उल्लेख है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मामले से जुड़े हर साक्ष्य को सुरक्षित करते हुए निष्पक्ष जांच करना है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल—सिर्फ FIR या सख्त कार्रवाई भी? तेजस की मौत के मामले में अब परिजनों और क्षेत्रीय लोगों की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। विद्यालय की CCTV फुटेज, परीक्षा कक्ष में मौजूद शिक्षक-कर्मचारी, नकल की कथित पर्ची, रिस्टीकेशन एवं जुर्माने से संबंधित रिकॉर्ड, छात्र के मेडिकल दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में अहम साबित हो सकते हैं।
यदि जांच में आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो कानून के मुताबिक नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। साथ ही यह भी जरूरी है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर दंडित न किया जाए और प्रत्येक कार्रवाई ठोस साक्ष्य के आधार पर हो। एक मां ने अपना इकलौता 17 वर्षीय बेटा खोया है। अब इस मामले में सबसे बड़ी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है कि तेजस की मौत की हर कड़ी को जोड़ा जाए और यदि विद्यालय प्रबंधन की भूमिका साक्ष्यों से सामने आती है तो किसी भी प्रभाव या दबाव की परवाह किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। यही जांच की विश्वसनीयता और पीड़ित परिवार के न्याय का असली इम्तिहान होगा।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button