Madhya Pradesh News : अवैध सागौन फर्नीचर की दुकान पर वन विभाग का छापा। ग्राम रैगढ़ के रिहायसी मकान से जप्त की गई सिल्लियां।
प्राप्त सूचना के अनुसार उत्तर वन मंडल पन्ना के देवेंद्र नगर वन परिक्षेत्र कार्यालय को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम रैगढ़ में एक फर्नीचर की दुकान पर अवैध सागौन फर्नीचर निर्माण का कारोबार किया जा रहा है ।

ब्यूरो चीफ कमला कान्त जोशी अमानगंज पन्ना
जिसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई सूचना को गम्भीरता से लेते हुए वरिष्ठअधिकारियों ने तत्काल योजना बद्ध तरीके से एक टीम का गठन करआनन फानन में छापा मार कार्यवाही को अंजाम दिया। अचानक आई वन विभाग की टीम को देखकर कारोबारियों में हड़कंप मच गया।प्राप्त गोपनीय सूचना इतनी सटीक थी जिसके आधार पर टीम सीधे ग्राम रैगढ़ में लाल बहादुर बागरी के मकान पर पहुंची जहाँ मकान के अन्दर सागौन की लकड़ी के अवैध फर्नीचर का कारोबार चल रहा था। अचानक हुई कार्यवाही से आरोपियों को सम्हलने का मौका ही नहीं मिला व मौके पर ही ग्राम इटवा मंहगू निवासी रघुवीर बढ़ई औजार चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। वन विभाग की टीम ने मकान की गहन तलाशी के दौरान अंदर छिपा कर रखी गई 21 नम्बर सागौन की बल्लियां बरामद कीं। जिसकी कुल माप 0.195 घन मीटर दर्ज की गई। इस अवैध कारोबार के मामले में मकान मालिक लाल बहादुर बागरी एवं रघुवीर बढ़ई के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। मौके से बरामद बड़ी मात्रा मेंअवैध सागौन की लकड़ी नियमानुसार जप्त करते हुए वन विभाग की टीम द्वारा विधिवत पंचनामा बनाया गया।

इस पूरे प्रकरण में मकान मालिक लाल बहादुर बागरी एवं रघुवीर बढ़ई दोनों को बराबर का आरोपी बनाया गया । दोनों आरोपियों के बिरुद्ध मध्य प्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम की धारा 1969 के 5,11,15 एवं 16 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है । उत्तर वन मंडल पन्ना के वन मंडलाधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह के कुशल निर्देशन एवं उप वन मंडलाधिकारी कृष्णा मरावी के द्वारा जारी किए गए सर्च वारंट के परिपालन में अवैध सागौन तस्करों एवं कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सफलता पूर्वक पूर्ण की गई। इस छापामार कार्यवाही में परिक्षेत्र सहायक रमाकांत गर्ग, देवेंद्र नगर बीट प्रभारी एस. पी.राय, वनपाल प्रदीप गर्ग, सहायक वनपाल रविंद्र बागरी, वनरक्षक राजेश रजक, जितेंद्र कुमार लोध, विवेक चांदपुरिया, मनीष कुमार शुक्ला, सहित वन विभाग के सुरक्षा सेनिको का सराहनीय योगदान रहा । विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी ।



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