Jharkhand News : चतरा पुलिस ने टंडवा कोल माइंस फायरिंग कांड का किया खुलासा, राहुल दुबे गैंग के दो शूटर गिरफ्तार
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पिस्टल छीनकर भाग रहा था अपराधी, जवाबी फायरिंग में घायल
रिपोर्टर महेंद्र कुमार यादव चतरा झारखंड
चतरा। चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में उर्सू मोड़ सुश्री चंद्रगुप्त कोल माईन प्राइवेट लिमिटेड के सिक्योरिटी ऑफिस में फायरिंग और सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर घायल करने के मामले में चतरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में एसआईटी टीम ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया। चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेष मैथानी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि टंडवा थाना अंतर्गत 23 अगस्त 2026 को ग्राम-उर्सू मोड़ सुश्री चंद्रगुप्त कोल माईन प्राइवेट लिमिटेड के सिक्योरिटी ऑफिस के पास अज्ञात मोटर साईकिल सवार अपराधियों के द्वारा दहशत फैलाने एवं रंगदारी मांगने के उद्देश्य से सिक्योरिटी ऑफिस में घुस कर फायरिंग करने तथा सिक्योरिटी गार्ड को गोली मार कर घायल करने के आरोप में राहुल दुबे गैंग के अपराधियों के विरुद्ध टंडवा थाना कांड सं०-193/26 दिनांक-23/08/2026 धारा- 109(1)/351(2)/308(3)/111/308(4)/118(2)/3(5) बीएनएस एवं 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत कांड दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि कांड के उद्भेदन के लिए मेरे निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम का गठन किया गया। एसआईटी टीम के द्वारा तकनीकी साक्ष्य तथा मानवीय सूचना के आधार पर 24 अगस्त 2026 को राँची के एयरपोर्ट थाना से सटे मैदान के पास से विकास कुमार सिंह पिता विजय सिंह ग्राम- सचिवालय कॉलोनी, थाना-डोरण्डा, जिला- राँची और स्वराज ठाकुर पिता विरेन्द्र ठाकुर ग्राम- असधी, थाना- कटकमसांडी, जिला- हजारीबाग वर्तमान पता- भवानीपुर, थाना- डोरण्डा, जिला- राँची को पकड़ा गया। जिसके बाद उनके पास से बरामद मोबाईल की गहन छानबीन एवं अवलोकन से उसके इस घटना में संलिप्त होने से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुआ। जिसके पश्चात उक्त अभियुक्तों के द्वारा भी घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अन्य तीन अभियुक्तों का नाम बताया गया। साथ ही राहुल दुबे से घटना के बाद अपने सहयोगी स्वराज ठाकुर के एकाउंट में 50000 रुपया मंगवाया गया था। दोनों अपराधियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विकास सिंह के द्वारा बताया गया कि घटना में प्रयुक्त हथियार को 23 अगस्त 2026 को ही घटना कारित करने के उपरांत भागने के क्रम में रास्ते में छुपा दिया गया था।
बरामदगी के लिए उसके बताये स्थल पर ले जाने के क्रम में एसआईटी दल के साथ मौजूद पुलिस पदाधिकारी के कमर से पिस्टल छीन कर गोली बारी करते हुए भागने का प्रयास किया गया। आत्मरक्षा व हथियार की सुरक्षा हेतु चेतावनी देते हुए एसआईटी टीम के द्वारा कमर के नीचे जवाबी फायर किया गया जिसमें विकास कुमार सिंह के पैर में गोली लगी। तत्काल ईलाज के लिए एनटीपीसी अस्पताल टंडवा भेजा गया, जहाँ से उसे बेहतर ईलाज हेतु हजारीबाग रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कांड में सलिप्त विकास कुमार सिंह शूटर है, जिसके द्वारा एवं इनके सहयोगी के द्वारा उर्सू मोड़ में फायर किया गया था। कांड के उपरांत गिरोह के सरगना राहुल दुबे के द्वारा भेजे गये पैसे को स्वराज ठाकुर के एकाउंट में लिया गया है। साथ ही इस कांड में संलिप्त अन्य तीन अभियुक्त के विरुद्ध छापामारी की जा रही है। एसआईटी टीम ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से 7.65 एम.एम का एक खाली खोखा, एवं 7.62 एम.एम का 19 खाली खोखा, तीन स्मार्ट फोन और 32800 रुपया बरामद किया। छापामारी दल में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार, टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशान्त कुमार मिश्रा, एसआई प्रभात कुमार, अमित कुमार, संदीप कुमार, तकनीकी शाखा टीम और टंडवा थाना के रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल थे।


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