Chhattisgarh News : “जांजगीर-चांपा से एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी शादीशुदा जिंदगी, जातिगत भेदभाव और पति के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
महिला प्रिया डांगे का कहना है कि उसकी गंगाधर कश्यप से बातचीत और संबंध थे। महिला के अनुसार, उसके पैर की तीन हड्डियां टूटने और उसके इलाज के दौरान परिस्थितियां बिगड़ने के बाद शादी नहीं हो पाई और गंगाधर वहां से चला गया। इसके बाद गंगाधर के खिलाफ POCSO का मामला दर्ज हुआ। महिला का दावा है कि बाद में दोनों परिवारों के बीच समझौते के बाद गंगाधर और प्रिया की शादी कराई गई। महिला के अनुसार, इस प्रक्रिया में गंगाधर के पिता शंकर लाल कश्यप, भाई राहुल कश्यप और जीजा योगेश कश्यप भी मौजूद थे। महिला का कहना है कि शादी के बाद वह और गंगाधर साथ रहे, लेकिन ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर उसे उसकी सतनामी जाति और आर्थिक स्थिति को लेकर स्वीकार नहीं किया। महिला का आरोप है कि उसे जाति को लेकर अपमानजनक बातें कही गईं और घर में रखने से इनकार किया गया।
इसके बाद काजल वर्मा नाम की युवती की शिकायत पर गंगाधर के खिलाफ बलात्कार सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ और वर्तमान में गंगाधर जेल में है।

महिला का कहना है कि गंगाधर के परिवार की ओर से अब यह बात कही जा रही है कि गंगाधर और काजल वर्मा की शादी कराकर मामले का समझौता कर दिया जाएगा। महिला के अनुसार, जब उसने पूछा कि ‘फिर मेरा क्या होगा?’, तो गंगाधर की मां पूर्णिमा बाई कश्यप की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि ‘लड़का और लड़की एक ही जाति के हैं, तुम सतनामी हो, तुम्हें नहीं रखेंगे और उनकी शादी कराकर समझौता कर देंगे।’ महिला का आरोप है कि उसकी पहले से शादी होने के बावजूद उसे अलग किया जा रहा है और अब दूसरे विवाह के नाम पर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
महिला पुलिस और प्रशासन से मांग कर रही है कि उसकी शादी के दस्तावेज, उसके बयान और उसके द्वारा बताए गए सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा जाति के आधार पर उसके साथ कथित भेदभाव की भी जांच हो। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। गंगाधर कश्यप, उसके परिवार और काजल वर्मा का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है। मामले में वास्तविक स्थिति जांच और न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।”

Subscribe to my channel