Madhya Pradesh News : मण्डला में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा सड़क पर उतर आया।
स्थाई नीति और नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को जिला मुख्यालय में बड़ा धरना-प्रदर्शन हुआ। साथ ही सरकार को 23 अगस्त तक का अल्टीमेटम भी दे दिया गया।

ब्यूरो चीफ इन्द्रमेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश
मंडला। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश के प्रांतव्यापी आवाहन पर रविवार 16 अगस्त को मण्डला में जिला अध्यक्ष पी.डी. खैरवार के नेतृत्व में सैकड़ों अतिथि शिक्षक एकजुट हुए। पहले धरना-प्रदर्शन किया और फिर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष और कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
“हम 18 साल से शिक्षा की रीढ़ बनकर काम कर रहे हैं। 70-80 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाते हैं लेकिन मानदेय समय पर नहीं मिलता। समान काम समान वेतन तो दूर की बात है। हमारी मांग है कि 1000 दिन काम करने वाले साथियों को अधिकतम अनुभव के आधार पर नियमित किया जाए और विभागीय परीक्षा में 20 बोनस अंक दिए जाएं।”
ज्ञापन में कुल 7 प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें 7 सत्र या 1000 कार्यदिवस पूरे करने वाले शिक्षकों को 12 माह का सेवाकाल और जीवन पर्यन्त सेवा, संविदा शिक्षक के रूप में नियमितीकरण, काम से अलग हुए अतिथि शिक्षकों को भर्ती में वरीयता, अतिथि शिक्षक भर्ती में पूर्व के पैनल को प्राथमिकता, अप्रशिक्षित लेकिन अनुभवी शिक्षकों के लिए डी.एल.एड. बी.एड. की अनिवार्यता खत्म करना, ई-अटेंडेंस का समय सुबह 11 से शाम 4 बजे तक करना और सबसे जरूरी मासिक मानदेय का 10 तारीख तक अनिवार्य भुगतान शामिल है।

“अगर एक सप्ताह के अंदर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो 23 अगस्त 2026 को हम कलेक्ट्रेट का विशाल घेराव करेंगे। प्रदेश के लाखों परिवार इस अन्याय से जूझ रहे हैं।”
प्रदर्शन में पी.डी. खैरवार के साथ संजय सिसोदिया, कृष्ण कुमार वल्के, एन.एल. नाग, अरुण बैरागी, रेणु तिवारी, उपासना ठाकुर, गणेश झारिया, उदय झारिया, राकेश चौधरी, हेमराज मसराम सहित जिले भर से बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक मौजूद रहे। अतिथि शिक्षक नेताओं ने 23 अगस्त के प्रदर्शन में जिले के सभी अतिथि शिक्षकों से शामिल होने की अपील की है।अब देखना होगा कि सरकार इस अल्टीमेटम पर क्या कदम उठाती है।



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