Uttar Pradesh News : संत शिरोमणि श्री रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान के तहत मिलक में निकली भव्य पवन कलश यात्रा
रिपोर्टर अंकित कुमार रामपुर, यू.पी.
मिलक। वाराणसी स्थित संत शिरोमणि श्री रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से चलकर आ रही पवन कलश यात्रा का विधानसभा क्षेत्र 38 मिलक में भव्य स्वागत किया गया। संत शिरोमणि श्री रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पवन कलश यात्रा ग्राम पटिया से प्रारंभ होकर ग्राम नोहरहा, हरैय्या, जाटपुरा एवं भैसोडी होते हुए ग्राम नवदिया पहुंची, जहां यात्रा का विधिवत समापन हुआ। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर पवन कलश यात्रा का श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया। जगह-जगह ग्रामीणों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। लगभग 100 से 150 ग्रामीणों ने यात्रा में सहभागिता कर संत रविदास महाराज जी के समरसता एवं सामाजिक एकता के संदेश को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर कार्यक्रम के जिला संयोजक एवं जिला महामंत्री भाजपा श्री रविंद्र सिंह ‘रवि’ जी, सह-संयोजक एवं अनुसूचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर सिंह जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री गंगवार जी, मंडल अध्यक्ष श्रीमती ममता अत्री जी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के संयोजक ग्राम पटिया एवं यात्रा के साथ चल रहे जिला मंत्री प्रदीप जाटव, डॉ. राम बहादुर गंगवार, मंडल महामंत्री विजय पाल जी, सुशील दिवाकर जी, अवधेश गंगवार जी, ग्राम प्रधान सत्यवीर सागर जी, तुलसीराम जी, यशपाल सागर जी, तरुण सागर, सुनील गंगवार, ग्राम प्रधान विशंभर जी, सोमपाल राठौर जी, जीवाराम जी, साईया सक्सेना जी, अमन गुप्ता जी तथा अपना दल के जिला अध्यक्ष धनवीर सिंह जी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि संत शिरोमणि श्री रविदास महाराज जी ने समाज को समानता, भाईचारे, सामाजिक समरसता और मानवता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और आपसी भेदभाव को समाप्त करने की प्रेरणा देते हैं। सीर गोवर्धनपुर से चलकर मिलक क्षेत्र में पहुंची यह पवन कलश यात्रा संत रविदास महाराज जी के विचारों एवं समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र श्रद्धा, सामाजिक समरसता और भाईचारे के भाव से सराबोर रहा।


Subscribe to my channel