Uttar Pradesh News : खागा सब रजिस्ट्रार कार्यालय से रिश्वतखोर लिपिक गिरफ्तार, बड़ी कार्यवाही का इंतजार
- बड़े साहब सहित जिम्मेदार सब रजिस्टार पर कार्यवाही का आम जनों को इंतजार

ब्यूरो प्रमुख शरद कुमार फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
फतेहपुर। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एंटी करप्शन टीम ने कार्यालय में भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कनिष्ठ सहायक को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार लिया। एंटी करप्शन कार्यवाही के बाद सब रजिस्टार कार्यालय सहित तहसील परिसर के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया लेकिन लोगों ने कार्यवाही पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि इन छोटी-छोटी मछलियों पर कार्यवाही तो मात्र ऊंट के मुंह में जीरा ही है। देखना यह है कि आरोपी कनिष्ठ बाबू के बयानों पर कितनी कार्यवाही कौन-कौन भ्रष्टाचार में संलिप्त आला अधिकारी पर कार्यवाही का कितना असर होता है। सूत्रों के अनुसार सब रजिस्टार की पहुंच भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक है जिससे खागा सब रजिस्टार कार्यालय भ्रष्टाचार का मुख्य अड्डा बन गया है बताते चलें कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खागा ही नहीं जिले के अन्य सब रजिस्ट्रार कार्यालय भ्रष्टाचार के अड्डे बनकर रह गए हैं इसके पूर्व कई बार मुख्यालय स्थित सब रजिस्टार कार्यालय के भ्रष्टाचार की कहानी सोशल मीडिया से लेकर अखबारों तक तैरती नजर आती रही हैं लेकिन अब तक कार्यवाहियों का परिणाम नहीं देखने को मिल रहा है जिससे हौसले मंद भ्रष्टाचारी लगातार योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश के दावे को नगन्य हीं करते रहे हैं। भीम सिंह पुत्र बैजनाथ निवासी संग्रामपुर सानी के शिकायत पर मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई किया। टीम ने कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार आरोपी कनिष्ठ लिपिक ने पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस भ्रष्टाचार के सूत्र बड़े साहब तक जुड़े हैं जिसमें 70% रिश्वत का जाता है बाकी 30% कार्यालय कर्मचारियों में बटता रहा है। देखना यह है एंटी करप्शन टीम की कार्यवाही 70% वाले बड़े साहब तक पहुंचती है या फिर लिपिक तक सीमित होकर मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा। पीड़ित भीम सिंह ने बताया कि 8 अगस्त 2026 को एंटी करप्शन थाना प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई थी। 17 जून 2026 को हुए एक बैनामे में अनियमितता दिखाकर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जा रही थी और उससे बचाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद एंटी करप्शन विभाग ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को लगभग 13 सदस्यीय टीम खागा स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची। विभागीय सूत्रों के अनुसार लोकसेवक साक्षियों और ट्रैप टीम की मौजूदगी में आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी लिपिक की पहचान राहुल कुमार बौद्ध पुत्र स्वर्गीय रामलखन बौद्ध, जनपद प्रतापगढ़ निवासी के रूप में हुई है।


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