साइबर ठगी के लिए सिम का खेल, बलियापुर में बड़े नेटवर्क का खुला राज

👉166 सिम में 57 साइबर शिकायतों से जुड़े, पुलिस ने नेटवर्क के कई सदस्यों को दबोचा
👉चंद रुपये के लालच में सिम जारी करने वालों पर शिकंजा, बलियापुर से शुरू हुई जांच पहुंची कई इलाकों तक
👉सिम कार्ड के जरिए साइबर अपराध का जाल, दुकान संचालक समेत कई आरोपी गिरफ्तार
धनबाद। साइबर अपराधियों तक मोबाइल सिम पहुंचाने वाले नेटवर्क के खिलाफ धनबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बलियापुर थाना क्षेत्र में हुई जांच के दौरान एक मोबाइल दुकान से जारी किए गए बड़ी संख्या में सिम कार्ड साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों में सामने आए। पुलिस की कार्रवाई में दुकान संचालक, सेल्समैन समेत गिरोह से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच शुरू की गई थी। 1 जनवरी 2026 से 29 मई 2026 के बीच बलियापुर थाना क्षेत्र स्थित मोबाइल कॉर्नर PoS दुकान से कुल 166 सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें से 57 सिम कार्ड ऐसे मिले, जिनके संबंध में NCRP पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि इस नेटवर्क का संपर्क कालूबथान ओपी क्षेत्र के शीतलपुर, बलियापुर के सीमावर्ती गांवों तथा पूर्वी टुंडी के मायरा नवाटांड़ इलाके के कुछ लोगों से था। इसके बाद पुलिस ने सिम जारी करने की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू की।
👉मोबाइल दुकान पर छापेमारी, तीन गिरफ्तार
सिंदरी SDPO के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बलियापुर चौक स्थित मोबाइल कॉर्नर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक काजू दे, सेल्समैन गौरव कुमार गुप्ता और एक विधि-विवादित किशोर को पुलिस ने पकड़ा।
पूछताछ और आगे की जांच में पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंच बनाई। पुलिस ने कृष्ण कुमार दास, चिरंजीत कुमार दे, गोविंद बाजरी और मधुसूदन बाजरी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह से जुड़े साइबर अपराधियों ने बड़े पैमाने पर ठगी की है और ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
👉दस्तावेज और मोबाइल समेत कई सामान जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 98 पेज की एक्सरसाइज बुक, आधार कार्ड से संबंधित दस्तावेज, VIVO कंपनी का PoS मोबाइल फोन और चार अन्य मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब जब्त दस्तावेजों और मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के जरिए नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
👉एक आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में आरोपी चिरंजीत कुमार दे का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ धनसार थाना क्षेत्र में साइबर अपराध से संबंधित मामला दर्ज बताया गया है।
👉ग्रामीण SP ने लोगों को किया सतर्क
धनबाद ग्रामीण SP मोहम्मद याकूबने लोगों से साइबर अपराधियों के झांसे में नहीं आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी ग्रामीण और आम लोगों को कुछ रुपये देने का लालच देकर उनके नाम पर सिम जारी करवाते हैं। ऐसे मामलों में लोग बिना जानकारी के अपना दस्तावेज या पहचान का इस्तेमाल करने की अनुमति दे देते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से सिम जारी नहीं कराना चाहिए और न ही अपना आधार या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज किसी को देना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की साइबर अपराध में संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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