Madhya Pradesh News : भ्रष्टाचार के विरुद्ध छतरपुर जिले में रहेगा जीरो टॉलरेंस
कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार ग्रहण करते ही दिया स्पष्ट संदेश
ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
कलेक्टर के प्रतिवेदन पर दो घंटे में ही हुई निलंबन की कार्रवाई रिश्वत मांगने के आरोप में महिला एवं बाल विकास अधिकारी निलंबित छतरपुर जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया है। इसी क्रम में रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़े मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कलेक्टर मृणाल मीणा द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए संभागायुक्त को प्रतिवेदन भेजा गया। कलेक्टर के प्रतिवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आयुक्त, सागर संभाग अनिल सुचारी ने निलंबन आदेश जारी किया। यह कार्रवाई प्रशासन की भ्रष्टाचार के प्रति सख्त एवं जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।

निलंबन आदेश के अनुसार, एक समाचार माध्यम में प्रसारित खबर एवं वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में पैसों के लेन-देन की बातचीत हुई है। प्रथम दृष्टया इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है। आदेश में दिनेश कुमार दीक्षित को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, सागर संभाग, सागर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। विभागीय स्तर पर मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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