Jharkhand News : धनबाद के सरकारी स्कूलों में पोषण पर विशेष जोर, मिड डे मील में रागी लड्डू शामिल करने की तैयारी
उपायुक्त आदित्य रंजन की सख्ती, बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन; हर स्कूल में बनेगी पोषण वाटिका

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
धनबाद, 29 जुलाई 2026: सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में धनबाद जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मिड डे मील की गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमित निगरानी को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भोजन तैयार करने वाले रसोईघर, उपयोग में आने वाले बर्तन तथा पूरे परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही सभी रसोइयों की व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने और सरकार द्वारा निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार प्रतिदिन ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देशित किया कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रतिदिन मिड डे मील योजना की निगरानी की जाए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन मिलेगा। बैठक में बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से सप्ताह में दो दिन मिड डे मील के साथ रागी के लड्डू उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। उपायुक्त ने कहा कि रागी पोषण से भरपूर अनाज है, जो बच्चों को आवश्यक ऊर्जा, कैल्शियम एवं अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराएगा। इससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को भी बल मिलेगा।

इसके अलावा उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में शत-प्रतिशत पोषण वाटिका विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसरों में उपलब्ध भूमि का उपयोग कर पोषण वाटिका तैयार की जाए तथा जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए फलदार पौधों का अनिवार्य रूप से रोपण कराया जाए। प्रत्येक विद्यालय में ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जो व्यक्तिगत रुचि लेकर पौधों की नियमित देखभाल करे और उन्हें संरक्षित रखे। बैठक के दौरान बच्चों के बीच प्लेट-थाली वितरण, विद्यालयों के ऑडिट तथा पीएम पोषण योजना से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के प्रभावी संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी विद्यालयों में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा, जिला शिक्षा अधीक्षक शालिनी डुंगडुंग सहित जिला स्तरीय स्टेयरिंग एवं मॉनिटरिंग कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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