
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
डॉ कैलाशनाथ काटजू मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थान की नोडल एवं सेंटर हेड डॉ रचना दुबे ने जानकारी दी कि विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर अस्पताल में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान हेपेटाइटिस के प्रति लोगों को जागरूक किया गया, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व को बताते हुए संक्रमण की रोकथाम के उपायों की जानकारी प्रदान की गयी। डॉ दुबे ने कहा कि हेपेटाइटिस एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से यकृत (लीवर) को प्रभावित करता है। हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी गंभीर संक्रमण हैं, जिनका समय पर उपचार न होने पर लीवर सिरोसिस, लीवर फेलियर और लीवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। संक्रमित रक्त, असुरक्षित सुई, असुरक्षित यौन संबंध तथा संक्रमित मां से शिशु में भी हेपेटाइटिस-बी का संक्रमण हो सकता है। प्रत्येक गर्भवती महिला को प्रसवपूर्व जांच के दौरान हेपेटाइटिस-बी की जांच अवश्य करानी चाहिए। संक्रमण की पुष्टि होने पर समय पर उपचार एवं चिकित्सकीय निगरानी, तथा जन्म के तुरंत बाद नवजात को हेपेटाइटिस-बी का टीका एवं आवश्यकतानुसार HBIG देने से संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही, हेपेटाइटिस-बी से बचाव के लिए टीकाकरण, सुरक्षित रक्त, स्टरलाइज्ड सुई-सिरिंज का उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा समय पर जांच और उपचार को सबसे प्रभावी उपाय बताया गया। कार्यक्रम में नोडल एवं सेंटर हेड डॉ रचना दुबे, समस्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य अस्पताल कर्मी उपस्थित रहे।




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