शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी का खुलासा, धनबाद का 19 वर्षीय युवक आरपीएफ के हत्थे चढ़ा

👉चंद्रपुरा-दुगदा रेलखंड में शताब्दी पर पथराव, मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार
👉चलती शताब्दी की खिड़की का शीशा पत्थर से टूटा, धनबाद के युवक पर आरपीएफ ने कसा शिकंजा
👉ट्रेन पर पत्थर फेंकने के आरोप में बजरंगी डोम गिरफ्तार, रेलवे न्यायालय ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में
धनबाद। चंद्रपुरा और दुगदा के बीच शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव की घटना का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने खुलासा करने का दावा किया है। 10 सितंबर 2026 को गाड़ी संख्या 12020 शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने के मामले में आरपीएफ धनबाद ने 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के पुराना बाजार स्थित रिफ्यूजी मार्केट निवासी बजरंगी डोम के रूप में हुई है।
आरपीएफ के अनुसार, पथराव की घटना में शताब्दी एक्सप्रेस के C1 कोच में बर्थ संख्या 9 के समीप स्थित खिड़की का बाहरी शीशा टूट गया था। घटना के बाद ट्रेन में तैनात कैरेज एंड वैगन कर्मियों, ट्रेन सुपरिटेंडेंट तथा आरपीएफ एस्कॉर्ट पार्टी की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई।
👉शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
घटना को लेकर आरपीएफ एस्कॉर्ट पार्टी के ड्यूटी स्टाफ प्रधान आरक्षी जवाहर लाल चौधरी की शिकायत पर आरपीएफ पोस्ट धनबाद में कांड संख्या 2844/2026 दर्ज किया गया। मामले में रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत कार्रवाई की गई है। जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक राधा कुमारी को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान आरपीएफ ने स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिलने का दावा किया गया कि घटना में शामिल संदिग्ध युवक दुगदा स्टेशन के आसपास मौजूद है।
👉दुगदा स्टेशन पर पकड़ा गया युवक
सूचना मिलने के बाद आरपीएफ अधिकारियों ने दुगदा में कैंपिंग ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से संपर्क किया। इसके बाद आरपीएफ की टीम करीब शाम 4:30 बजे दुगदा स्टेशन पहुंची। वहां ड्यूटी स्टाफ द्वारा एक संदिग्ध युवक को पकड़े जाने की जानकारी मिली।
पूछताछ में उसकी पहचान बजरंगी डोम के रूप में हुई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
👉पूछताछ में सामने आई पथराव की कहानी
आरपीएफ के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह 10 सितंबर को धनबाद से ट्रेन के जरिए चंद्रपुरा पहुंचा था। उसका कथित उद्देश्य ट्रेनों में चोरी करना था। हालांकि, दिन के समय यात्रियों के जागते रहने के कारण उसे चोरी का अवसर नहीं मिला।
आरपीएफ के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि बाद में वह चंद्रपुरा स्टेशन के आसपास घूमता रहा। इसी दौरान शताब्दी एक्सप्रेस को गुजरते देखकर उसने रेलवे ट्रैक से पत्थर उठाकर ट्रेन की ओर फेंक दिया और वहां से भाग निकला।
आरपीएफ ने आरोपी के इस कथित बयान को जांच का हिस्सा बनाया है। बयान की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।
👉तलाशी में माचिस, चिलम और कथित नशीला पदार्थ बरामद
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की तलाशी ली गई। आरपीएफ के मुताबिक, उसकी पैंट की दोनों जेबों से एक माचिस का डिब्बा, लाल रंग की चिलम, एक कैंची तथा काले प्लास्टिक में रखा कथित नशीले पदार्थ के सेवन में इस्तेमाल होने वाला सॉल्यूशन बरामद हुआ।
आरपीएफ ने बरामद सामान को जब्त करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
👉पहले से दर्ज हैं दो मामले
आरपीएफ ने आरोपी का आपराधिक इतिहास जानने के लिए ICJS पोर्टल पर भी जांच की। जांच में उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
आरपीएफ के अनुसार, बैंक मोड़ थाना में कांड संख्या 167/25, दिनांक 12 जुलाई 2025 तथा जीआरपी धनबाद में कांड संख्या 92/26, दिनांक 18 अप्रैल 2026 दर्ज है। दूसरे मामले में BNS की धारा 317(5)/3(5) का उल्लेख किया गया है।
👉आईबी से भी समन्वय
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने स्थानीय आईबी यूनिट से भी समन्वय किया है। आरपीएफ के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को इस संबंध में स्थानीय आईबी इकाई के साथ पत्राचार किया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि घटना में आरोपी अकेला शामिल था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था।
👉रेलवे न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल
गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद बजरंगी डोम को 12 सितंबर को रेलवे न्यायालय में पेश किया गया। आरपीएफ के अनुसार, न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरपीएफ घटना के दौरान आरोपी की गतिविधियों, उसके कथित बयान, बरामद सामान और पूर्व मामलों से जुड़े पहलुओं का सत्यापन कर रही है।
👉चलती ट्रेन पर पथराव से यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। खिड़की का शीशा टूटने या पत्थर के सीधे यात्री को लगने से गंभीर चोट की आशंका रहती है।
चंद्रपुरा-दुगदा रेलखंड में हुई इस घटना के बाद आरपीएफ की कार्रवाई ने एक बार फिर चलती ट्रेनों पर पथराव जैसी घटनाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने रखा है। अब जांच में जुटे अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी को जोड़ने में लगे हैं।

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