Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के कोरबा के उदित कुमार 84 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
"लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।" कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हमारे अपने उदित ने!
ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
लगातार 3 बार असफलताओं का सामना करने के बाद भी उदित ने हिम्मत नहीं हारी। अपने चौथे प्रयास (4th Attempt) में उदित ने अपनी कमियों को सुधारा, दिन-रात एक किया और नीट परीक्षा में 589 अंकों का शानदार स्कोर हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प के आगे हर मुश्किल छोटी है! उदित के संघर्ष की बड़ी बातें चौथा प्रयास, अटूट हौसला: लगातार तीन बार असफल होने के बाद भी उदित का डॉक्टर बनने का सपना डगमगाया नहीं। 589 अंकों की शानदार जीत: इस बेहतरीन स्कोर के साथ अब उदित का सरकारी मेडिकल कॉलेज में जाने और डॉक्टर बनने का रास्ता साफ हो गया है। सच्ची प्रेरणा: उदित की यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए एक मिसाल है जो एक या दो बार असफल होकर उम्मीद छोड़ देते हैं।

उदित कुमार 589 अंक हासिल की है व उन्होंने बताया कि मैं इस परीक्षा को किसी भी दूसरे नॉर्मल परीक्षा की तरह ही देखता हूं। अगर आप इसे कुछ बहुत खास समझते हैं, तो आप स्ट्रेस में आ जाएंगे और टेस्ट के दौरान गलतियां करेंगे। 8 से 10 घंटे पढ़ाई काफी जहां तक मेरे पढ़ाई के घंटों की बात है, तो दिन में 16 घंटे पढ़ाई करने की जरूरत या खुद को थका देने तक काम करना पूरी तरह से घिसी-पिटी बातें हैं। मेरा मानना है कि दिन में 8 से 10 घंटे पढ़ाई करना काफी है, बशर्ते आप इसे दो साल तक लगातार करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। मुझे अपने परिवार से बहुत मोटिवेशन मिला NEET री-एग्जाम और पेपर लीक पर कहा कि, NEET री-एग्जाम देना बुरा था, लेकिन असलियत को मानना पड़ता है और काम पर वापस जाना पड़ता है। मुझे अपने परिवार से बहुत मोटिवेशन मिला, जो बहुत सपोर्टिव थे।




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