Chhattisgarh News : SECL ने गेवरा परियोजना में शामिल की अत्याधुनिक वाटर स्प्रिंकलर मशीन, धूल नियंत्रण और सुरक्षित खनन को मिलेगा बढ़ावा
रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
गेवरा, कोरबा (छत्तीसगढ़)। पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित खनन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने अपने बेड़े में अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई Water Sprinkler Machine को शामिल किया है। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी SECL आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित और सतत खनन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई वाटर स्प्रिंकलर मशीन को SECL के गेवरा परियोजना स्थित लक्ष्मण वर्कशॉप में कमीशन किया गया है। इस मशीन के संचालन से खदानों में उड़ने वाली धूल पर प्रभावी नियंत्रण होगा, जिससे कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा और कार्यस्थल की सुरक्षा में भी सुधार आएगा।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस है मशीन
गेवरा परियोजना के डिप्टी मैनेजर (एक्स्कवेशन) निखिल भास्कर के अनुसार, यह BEML द्वारा निर्मित BWS-70 मॉडल की मशीन है, जिसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—
- 70,000 लीटर (70 KL) पानी संग्रहण क्षमता।
- Cummins QST-30 का शक्तिशाली इंजन।
- BEML PCMV ट्रांसमिशन सिस्टम, जो बेहतर नियंत्रण और स्मूथ संचालन सुनिश्चित करता है।
- Kirloskar का हाई-पावर सेंट्रीफ्यूगल पंप, जिसकी क्षमता 3,000 लीटर प्रति मिनट (LPM) पानी का छिड़काव करने की है।
- 5 एडवांस्ड स्मार्ट स्प्रे फीचर्स, जिनमें फोर्स स्प्रे तकनीक प्रमुख है, जो खदानों में उड़ने वाली धूल को तेजी से नियंत्रित करती है।
सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा लाभ
खदानों में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यस्थल की दृश्यता प्रभावित होती है। नई वाटर स्प्रिंकलर मशीन के उपयोग से धूल नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार होगा, डंपर चालकों एवं अन्य कर्मचारियों की विजिबिलिटी बेहतर होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। SECL का यह कदम न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत खनन के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से जिम्मेदार एवं सुरक्षित खनन की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


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