Uttar Pradesh News : मिशन शक्ति: महराजगंज में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ के लिए ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
तीन विकास खण्डों के 32 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा; सुरक्षा, लैंगिक समानता और हिंसा की रोकथाम पर होगा सामुदायिक संवाद

ब्यूरो चीफ सुनील कुमार जयसवाल महाराजगंज उत्तर प्रदेश
महराजगंज, 14 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति अभियान’ के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए जनपद में एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। पुलिस महानिदेशक (गोरखपुर जोन) श्री मुथा अशोक जैन के मार्गदर्शन,पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री एस. चनप्पा के पर्यवेक्षण में, जिलाधिकारी महराजगंज श्री गौरव सिंह सोगरवाल एवं पुलिस अधीक्षक महराजगंज श्री शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल निर्देशन में मंगलवार को तहसील सभागार निचलौल में “बहू-बेटी सम्मेलन” कार्यक्रम के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सुबह 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से किया गया।

विभिन्न विभागों के 32 प्रतिनिधियों ने किया प्रतिभाग इस प्रशिक्षण में जनपद के तीन विकास खण्डों—निचलौल, सिसवा एवं मिठौरा—के कुल 32 नामित प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण में पुलिस विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य- कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों की क्षमता का विकास करना है। ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने विकास खण्डों में जाकर ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद, ग्राम स्तरीय सुगमकर्ता प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के साथ छह सप्ताह का विशेष अभियान चलाएंगे। इस अभियान के तहत छह अलग-अलग विषयगत सत्र आयोजित कर महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, सम्मानजनक संबंधों और हिंसा की रोकथाम जैसे गंभीर विषयों पर सामुदायिक संवाद को मजबूत किया जाएगा। सहभागी और व्यवहारिक तरीकों से दी गई ट्रेनिंग प्रशिक्षण को बेहद व्यवहारिक और इंटरैक्टिव बनाने के लिए ग्रुप डिस्कशन (समूह चर्चा), रोल प्ले (भूमिका-अभिनय), केस स्टडी और कई अन्य सहभागी गतिविधियों का सहारा लिया गया। प्रतिभागियों को प्रभावी संवाद करने, समुदाय की बात को ध्यान से सुनने और सही प्रश्न पूछकर महिलाओं को जागरूक करने के गुर सिखाए गए।

विशेषज्ञों ने साझा किए विचार यूनिसेफ के मण्डलीय बाल संरक्षण सलाहकार श्री शैलेश प्रताप सिंह ने बहू–बेटी सम्मेलन की मूल अवधारणा और इसके कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल (चरणबद्ध प्रशिक्षण) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स श्री संतोष राय, श्री श्रवण कुमार गुप्ता, श्री श्याम सिंह और श्री शुभ अम्बोज ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों का मूल्यांकन कर उनसे फीडबैक लिया गया। उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विकास खण्डों में “बहू-बेटी सम्मेलन” को पूरी गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ प्रभावी ढंग से संचालित करने का दृढ़ संकल्प लिया।



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