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Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर से सटे महराजगंज की पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

क्या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल की आड़ में हो रहा फर्जी निस्तारण? पीड़िता ने पुलिसिया आतंक, ओटीपी मांगने और झूठे मुकदमे में फंसाने का लगाया आरोप

ब्यूरो चीफ सुनील कुमार जयसवाल महाराजगंज उत्तर प्रदेश

महराजगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से सटे महराजगंज जिले की पुलिस कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बरगदवा थाना क्षेत्र की एक महिला ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उसे और उसके परिवार को ही प्रताड़ित कर रही है। इससे जनसुनवाई पोर्टल पर होने वाले निस्तारण की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
शिकायतकर्ता गिरिजा देवी का कहना है कि गांव में हुए विवाद के बाद उन्होंने विपक्षियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाना बरगदवा और बाद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके उलट उनके परिवार पर ही कार्रवाई करते हुए नाबालिग बेटियों तक को कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला दिया गया।

महिला ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी धनंजय राय और एसआई इम्तियाज अली द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। घर पर पुलिस भेजी जा रही है, बार-बार मोबाइल पर ओटीपी मांगा जा रहा है और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़िता का कहना है कि इन परिस्थितियों में उसका परिवार भय और मानसिक तनाव में जीवन जीने को मजबूर है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता बनकर रह जाए और शिकायतकर्ता को न्याय मिलने के बजाय उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो आम जनता आखिर न्याय की उम्मीद किससे करे? क्या जनसुनवाई पोर्टल की आड़ लेकर फर्जी या कागजी निस्तारण किया जा रहा है? यह जांच का विषय है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा अपने परिवार को कथित पुलिसिया उत्पीड़न से राहत दिलाने की मांग की है।

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