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Chhattisgarh News : कोयला खदानों में नारी शक्ति का उदय: SECL की 19 महिलाएं संभालेंगी भारी मशीनों का स्टेयरिंग”

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़

गेवरा/बिलासपुर: महिला सशक्तिकरण को एक नया आयाम देते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। अब तक पुरुषों के दबदबे वाले कोयला खदान क्षेत्र में अब महिलाएं भी भारी-भरकम मशीनें (HEMM) दौड़ती नजर आएंगी। SECL इतिहास में पहली बार महिला कर्मचारियों को डंपर और शॉवेल जैसी विशालकाय मशीनें चलाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए 6 जुलाई से गेवरा क्षेत्र के प्रशिक्षण केंद्र में 12 दिवसीय विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत हो चुकी है। सीएमडी की पहल पर 19 महिला वीरांगनाओं का चयन ​SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) हरिश दुहन की इस अनूठी पहल के तहत कंपनी के अलग-अलग क्षेत्रों से केटेगरी-1 श्रेणी की 19 शिक्षित महिला कर्मचारियों को चुना गया है। ट्रेनिंग के पहले दिन सभी प्रतिभागियों का साफा पहनाकर और फूलों के गुलदस्ते देकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ​यह 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण 18 जुलाई तक चलेगा, जिसमें अत्याधुनिक सिम्युलेटर की मदद से महिलाओं को भारी मशीनों के संचालन की बारिकियाँ और सुरक्षा नियम सिखाए जा रहे हैं।


दिग्गज कंपनियों के विशेषज्ञ दे रहे हैं ट्रेनिंग ​महिलाओं को वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग देने के लिए टाटा, जेमको और सेंट्रल एक्सवेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CETI) गेवरा के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद SECL मुख्यालय स्तर पर इन महिला ऑपरेटरों को खदानों में लाइव पोस्टिंग देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ​उत्साहवर्धन: महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुजाता रानी ने अपनी टीम के साथ ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने प्रतिभागियों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और लगन के साथ इस चुनौती को स्वीकार करने की अपील की। कहां से कितनी महिलाओं का हुआ चयन?
​इस ऐतिहासिक बैच में SECL के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 19 महिलाएं शामिल हैं:
​केंद्रीय उत्खनन कर्मशाला गेवरा: 05 महिला कर्मचारी
​गेवरा परियोजना: 03 महिला कर्मचारी
​दीपका क्षेत्र: 03 महिला कर्मचारी
​रायगढ़ क्षेत्र: 03 महिला कर्मचारी
​कुसमुंडा क्षेत्र: 02 महिला कर्मचारी
​बिश्रामपुर क्षेत्र: 02 महिला कर्मचारी
​कोरबा क्षेत्र: 01 महिला कर्मचारी
​”यह सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, तकनीकी नेतृत्व की शुरुआत है” ​गेवरा क्षेत्र की एरिया पर्सनल मैनेजर सुधा बी. शिंदे ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा: ​”SECL का यह कदम सिर्फ एक रूटीन ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह महिला कर्मचारियों को तकनीकी और कोर ऑपरेटिंग क्षेत्र में लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। 12 दिनों के इस कड़े प्रशिक्षण में उन्हें हर तकनीकी पहलू से वाकिफ कराया जा रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि हमारी महिलाएं अपनी कार्यकुशलता और अनुशासन से इस चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगी।” ​इस उद्घाटन समारोह के दौरान गेवरा क्षेत्र के जीएम संजय कुमार मिश्रा, मुख्यालय बिलासपुर से जीएम (वेलफेयर) विप्र चरण सेठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और महिलाओं के इस नए सफर की सराहना की।

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