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Chhattisgarh News : महिला थाना जांजगीर की त्वरित कार्रवाई बनी महिलाओं का भरोसा, 14 मामलों में 19 आरोपी गिरफ्तार

महिला थाने में प्रतिमाह अपराधों के रजिस्ट्रेशन में क्रमशः बढ़ोतरी हुई है

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

परिवार परामर्श केंद्र की पहल रंग लाई, विगत 03 माह में 61 बिखरे परिवार फिर से एक हुए अब तक कुल 193 परिवारिक विवादों का निपटारा महिलाओं को त्वरित न्याय, परिवारों को नई उम्मीद: जांजगीर महिला थाना की सराहनीय पहल अपराधियों पर सख्ती, परिवारों में खुशियां: महिला थाना और परिवार परामर्श केंद्र की बड़ी उपलब्धि जिले में महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से अप्रैल 2026 में शुरू किए गए महिला थाना जांजगीर का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। महिला थाना की सक्रिय कार्यशैली और संवेदनशील पुलिसिंग के चलते पीड़ित महिलाएं अब सीधे महिला थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करा रही हैं, जिससे उन्हें त्वरित कार्रवाई और न्याय मिल रहा है। महिला थाना की स्थापना के बाद अब तक महिलाओं से संबंधित 14 अपराध दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। जिले में महिला थाना शुरू होने के बाद अन्य थाना एवं चौकियों में महिला संबंधी शिकायतों का दबाव कम हुआ है, क्योंकि अब अधिकांश पीड़ित महिलाएं सीधे महिला थाना पहुंच रही हैं।

थानों में महिला संबंधी अपराधों का रजिस्ट्रेशन कम हुआ विगत वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 के बीच जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में महिलाओं से संबंधित 39 प्रकरण दर्ज हुए थे इसी प्रकार इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 जून 2026 की स्थिति में कुल 31अपराध दर्ज हुए जो यह प्रदर्शित करता है कि महिलाओं द्वारा महिला संबंधी अपराधों का रजिस्ट्रेशन महिला थाने कराया जा रहा है । महिला थाना शुरू होने के बाद शिकायतों के त्वरित निराकरण और पीड़ितों को बेहतर सहायता मिलने से व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई है। परिवारों को टूटने से बचा रहा परिवार परामर्श केंद्र महिला थाना के साथ संचालित महिला परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर भी पारिवारिक विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

जनवरी 2026 से अब तक केंद्र में 268 पारिवारिक विवाद संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 193 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इनमें 61 मामलों में पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति और समझौता कराकर बिखरते परिवारों को फिर से एक किया गया, जिससे कई बच्चों और परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ। परामर्श केंद्र की इस पहल को सामाजिक दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता जिला जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जा रही है तथा जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सहायता और परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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