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फायर सेफ्टी पर प्रशासन की सख्ती, कई कोचिंग संस्थानों पर लगा ताला

👉छात्रों की सुरक्षा से समझौता पड़ा भारी, कई कोचिंग सेंटर बंद

👉धनबाद में कोचिंग संस्थानों की जांच, सुरक्षा मानकों में मिली बड़ी खामियां

👉फायर एनओसी और सुरक्षा व्यवस्था के बिना नहीं चलेगी कोचिंग, प्रशासन का सख्त संदेश

धनबाद /कतरास । छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अग्नि सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही मिलने पर कई कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया गया है।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) श्री लोकेश बारंगे के नेतृत्व में जिला प्रशासन की विशेष टीमों ने सिटी सेंटर एवं सरायढेला क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई बड़े और छोटे संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई।

निरीक्षण में पाया गया कि कई कोचिंग सेंटरों में पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध नहीं थे। कई जगहों पर आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) की भी व्यवस्था नहीं थी, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में छात्रों की जान खतरे में पड़ सकती है।

प्रशासनिक टीम ने यह भी पाया कि कई संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों को एक साथ बैठाया जा रहा था। इसके अलावा कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था भी नहीं थी। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने कई संस्थानों से छात्रों को बाहर निकलवाया तथा संचालकों को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिन संस्थानों में गंभीर कमियां पाई गईं, उन्हें सभी आवश्यक मानकों की पूर्ति तक बंद रखने का आदेश दिया गया। इस संबंध में संचालकों से लिखित सहमति पत्र भी लिया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित कोचिंग संस्थान जिला अग्निशमन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) प्राप्त नहीं कर लेते और सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं कर देते, तब तक वहां शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकेंगी।

एसडीएम श्री लोकेश बारंगे ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संस्थान को व्यावसायिक लाभ के लिए बच्चों की जान जोखिम में डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं कतरास क्षेत्र के अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां संचालित अधिकांश शिक्षण संस्थान भी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। कई संस्थानों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और अन्य बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव है। ऐसे में क्षेत्र में भी प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है।

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