726 दिनों में अपराध पर सबसे बड़ा प्रहार, बरेली में बदमाशों के लिए काल बनी पुलिस कार्रवाई
अपराधियों में बढ़ा खौफ, मुठभेड़ों और सख्त अभियान से कई गैंग हुए निष्क्रिय
बरेली। कभी रामगंगा की कटरी, झीलपुर, रेलवे जंक्शन, भोजीपुरा और बहेड़ी क्षेत्र अपराधियों की गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहते थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में बरेली पुलिस द्वारा चलाए गए लगातार अभियानों ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है। जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए गए अभियान के चलते कई कुख्यात अपराधी या तो जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जिला बदर किए जा चुके हैं या फिर पुलिस की कार्रवाई में घायल होकर अपराध की दुनिया से दूरी बनाने को मजबूर हुए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली अनुराग आर्य के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले लगभग 726 दिनों के दौरान जिले में औसतन हर तीसरे दिन किसी न किसी थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस अवधि में 323 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई, जबकि जवाबी कार्रवाई में 201 बदमाश गोली लगने से घायल हुए। इनमें कई ऐसे अपराधी शामिल थे जिन पर हत्या, लूट, डकैती, गौतस्करी, अवैध शराब कारोबार, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे।
हत्या, लूट और डकैती जैसे अपराधों पर लगा प्रभावी अंकुश
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अपराधियों के विरुद्ध चलाए गए सघन अभियान का सीधा असर जिले की कानून-व्यवस्था पर दिखाई दिया। हत्या, लूट, डकैती, गौतस्करी और अन्य जघन्य अपराधों में शामिल कई बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कई हिस्ट्रीशीटरों पर गैंगस्टर एक्ट और जिला बदर जैसी कठोर कार्रवाई भी की गई। लगातार हो रही कार्रवाई के चलते अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ा और कई सक्रिय गिरोहों की गतिविधियां प्रभावित हुईं।
सीबीगंज में सबसे अधिक मुठभेड़, बारादरी दूसरे स्थान पर
मुठभेड़ों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सीबीगंज थाना क्षेत्र अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में सबसे आगे रहा, जहां 22 बदमाश पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए। इसके बाद बारादरी थाना क्षेत्र में 19, रेलवे जंक्शन और भोजीपुरा में 14-14, बिथरी चैनपुर में 13, देवरनिया में 11 तथा बहेड़ी में 10 अपराधी पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए। इसके अलावा जिले के लगभग सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया गया।
इनामी और कुख्यात अपराधियों पर भी कसा शिकंजा
वर्ष 2025 के दौरान भोजीपुरा पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी डकैत इफ्तेखार उर्फ शैतान को मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। इसके अलावा सामूहिक हत्याकांड, लूट और गौतस्करी से जुड़े कई कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया या मुठभेड़ों में घायल कर कानून के दायरे में लाने का काम किया। पुलिस का दावा है कि जिन अपराधियों के खिलाफ वर्षों से मुकदमे दर्ज थे और जो लगातार फरार चल रहे थे, उन्हें भी अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।
जिला बदर और गैंगस्टर कार्रवाई से टूटी अपराधियों की कमर
पुलिस ने केवल मुठभेड़ों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि हिस्ट्रीशीटरों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, जिला बदर, संपत्ति जब्ती और निगरानी जैसी कानूनी कार्रवाई भी की। परिणामस्वरूप कई अपराधी जिले से पलायन करने को मजबूर हुए, जबकि कई ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
अपराधियों के बीच बढ़ा कानून का डर
लगातार हो रही कार्रवाई का असर अब जिले के अपराध जगत में साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अपराधियों के बीच कानून का भय बढ़ा है और कई सक्रिय अपराधी भूमिगत हो चुके हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
“जो कानून का सम्मान करेगा, वह सुरक्षित रहेगा। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— अनुराग आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बरेली




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