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Jharkhand News हैवी ब्लास्टिंग और अवैध खनन की मार: 50 फीट धंसी गोपालगंज-बेनागोड़िया सड़क, 30 गांवों का संपर्क प्रभावित

खनन क्षेत्र में भू-धंसान से हड़कंप, रातोंरात सड़क समाई जमीन में; ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड

धनबाद/निरसा: निरसा विधानसभा क्षेत्र के उत्तरी हिस्से को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण गोपालगंज-बेनागोड़िया सड़क गुरुवार देर रात अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ धंस गई। सड़क का लगभग 50 फीट लंबा और 14 फीट चौड़ा हिस्सा जमीन में समा जाने से पांच पंचायतों के करीब 30 गांवों का निरसा प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ईसीएल एवं आउटसोर्सिंग कंपनी प्रबंधन ने तत्काल सड़क किनारे वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कर आवागमन बहाल करने का प्रयास किया है, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी न हो। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि चापापुर कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा गुरुवार दोपहर सड़क के समीप भारी ब्लास्टिंग की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क धंसी है, उसके नीचे पूर्व में ईसीएल की भूमिगत खदान संचालित थी और क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन भी होता रहा है। ऐसे में लगातार ब्लास्टिंग और भारी वाहनों के दबाव के कारण जमीन कमजोर हो गई, जिससे सड़क अचानक धंस गई।

ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग से प्रतिदिन कोयला और ओबी डंप की ढुलाई के लिए भारी वाहनों का परिचालन होता है। लंबे समय से सड़क पर बढ़ते दबाव और कंपन को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन संबंधित एजेंसियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यह सड़क बेनागोड़िया, घाघरा, सोनवाद, सिजुआ समेत कई पंचायतों के लगभग 30 गांवों के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। सड़क धंसने से ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति और खनन गतिविधियों से उत्पन्न खतरे का मुद्दा उन्होंने पूर्व में जिला परिषद बोर्ड की बैठक में भी उठाया था। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा से खिलवाड़ और इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग की।

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