ब्रेकिंग न्यूज़

Jharkhand News 13 महीने से ठप पड़ा धनबाद का वेदर स्टेशन, मौसम की सटीक निगरानी पर असर

मानसून से पहले बढ़ी चिंता: धनबाद में एक साल से बंद है ऑटोमेटेड मौसम केंद्र

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड

धनबाद। जिले में मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने वाला ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन (AWS) पिछले 13 महीनों से बंद पड़ा है। बिनोद नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय-1 परिसर में स्थापित यह मौसम केंद्र तकनीकी खराबी के कारण निष्क्रिय हो गया है, जिससे धनबाद के स्थानीय मौसम संबंधी महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मौसम केंद्र से आखिरी बार 15 अप्रैल 2025 को तापमान, वर्षा और अन्य मौसमीय गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जारी किए गए थे। इसके बाद से मौसम विभाग को स्थानीय स्तर पर सटीक आंकड़े नहीं मिल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वेदर स्टेशन के रखरखाव की जिम्मेदारी जिस कंपनी के पास थी, उसके फरार होने के कारण मरम्मत का कार्य लंबित है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन के माध्यम से 24 घंटे का अधिकतम और न्यूनतम तापमान, वर्षा की मात्रा, हवा की गति, आर्द्रता तथा मौसम में होने वाले बदलावों की सटीक जानकारी प्राप्त होती थी। इन आंकड़ों के आधार पर स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को अधिक प्रभावी बनाया जाता था। स्टेशन बंद होने के कारण अब अनुमानित आंकड़ों के आधार पर ही मौसम संबंधी सूचनाएं जारी की जा रही हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात जैसी घटनाओं की सटीक जानकारी किसानों और आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में मौसम केंद्र का बंद रहना चिंता का विषय है। हालांकि मौसम विभाग द्वारा सामान्य पूर्वानुमान जारी किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर के वास्तविक आंकड़ों के अभाव में उनकी सटीकता प्रभावित हो सकती है। स्थानीय लोगों और किसानों ने वेदर स्टेशन को जल्द चालू कराने की मांग की है, ताकि मौसम से जुड़ी सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की बेहतर तैयारी की जा सके।

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button