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Uttar Pradesh News एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने गुप्त जांच के बाद दो उपनिरीक्षकों को सौंपी थाने की कमान

मुख्यालय के आदेश के बाद आईजी ने दो थानेदार सहित चौकी प्रभारी को किया था निलंबित अपराध नियंत्रण में फेल, लगातार पहुंच रही शिकायतों व शिथिलता-लापरवाही के आरोप में हुई कार्रवाई

ब्यूरो प्रमुख शरद कुमार फतेहपुर, उत्तर प्रदेश

फतेहपुर। जनपद की पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और अनुशासन कायम करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने गुप्त जांच के बाद रिक्त पड़े दो थानों की कमान नए उपनिरीक्षकों को सौंप दी है। रविवार को शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जनपद के तेजतर्रार एवं ईमानदार पुलिस अधीक्षक ने गहन जांच और प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर अपराध शाखा में तैनात उपनिरीक्षक योगेश कुमार को किशनपुर थाने की कमान सौंपी, जबकि पुलिस लाइन में तैनात उपनिरीक्षक सतपाल सिंह को खखरेरू थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। दोनों थानों को लेकर लंबे समय से अपराध नियंत्रण में विफलता, अनुशासनहीनता, शिथिलता, अनैतिक गतिविधियों तथा कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण न होने संबंधी शिकायतें लगातार मुख्यालय तक पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रयागराज परिक्षेत्र के अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण तथा पुलिस महानिरीक्षक ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया और संबंधित मामलों की समीक्षा कराई। खखरेरू थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराध, चोरी की घटनाओं के खुलासे में असफलता एवं क्षेत्र के पौली गांव में बीते सप्ताह आयोजित उर्स के दौरान आयोजकों से अभद्रता पूर्वक व्यवहार करना तथा कानून-व्यवस्था पर प्रभावी अंकुश न लग पाने को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। वहीं किशनपुर थाना क्षेत्र में भी अवैध गतिविधियों और गंभीर मामलों में अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने को लेकर उच्चाधिकारियों तक शिकायतें पहुंच रही थीं। बीते माह हुई लूट और छीना-झपटी की घटना में शांति भंग की कार्रवाई के माध्यम से आरोपियों को राहत दिए जाने की शिकायतों ने भी अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बीते सप्ताह खखरेरू और किशनपुर थाना क्षेत्र के मध्य सधुवापुर के पास बोलेरो एवं बाइक सवार बदमाशों द्वारा एक पशु व्यापारी से तीन लाख रुपये की लूट की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को मिलने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई न होने तथा मामले को गंभीरता से न लेने की चर्चाएं सामने आईं। अगले दिन दैनिक समाचार पत्रों में घटना प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद मामला जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा।

इसके बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी प्रकरण की एवं समाचार पत्रों की प्रतियां पुलिस महानिदेशक लखनऊ, अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज तथा पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज तक पहुंचाई गई एवं शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में हुई एक अन्य लूट की घटना को भी शांति भंग की कार्रवाई में परिवर्तित किए जाने का आरोप लगाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक फतेहपुर से तत्काल जांच रिपोर्ट एवं स्पष्टीकरण तलब किया। जांच के दौरान लूट जैसी गंभीर घटना की सूचना उच्चाधिकारियों तक समय से न पहुंचाने, मनमाने ढंग से कार्य करने तथा पुलिस विभाग की निर्धारित गाइडलाइन का पालन न करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर खखरेरू थाना अध्यक्ष विद्याप्रकाश सिंह, किशनपुर थाना अध्यक्ष बच्चेलाल प्रसाद तथा संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। अब दोनों थानों में नए प्रभारियों की तैनाती के साथ पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक समेत उच्च अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा तथा जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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