Chhattisgarh News सिंगरौली झिंगुरदा विवाद: कलिंगा कॉर्पोरेशन ने कोयला परिवहन के आरोपों को नकारा, कहा- ‘नियमों के तहत हुआ काम’

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
सिंगरौली। एनसीएल (NCL) की झिंगुरदा परियोजना, सिंगरौली क्षेत्र में कथित कोयला परिवहन को लेकर उठे सवालों के बाद कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन ने स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार बताया है। नियमों के तहत हुआ कार्य: कंपनी HR कंपनी के एच.आर. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिस वोल्वो वाहन को लेकर चर्चा हो रही है, वह ओबी (OB) कार्य में लगा एक अधिकृत वाहन था। इस वाहन को एनसीएल प्रबंधन की अनुमति के बाद ही खदान क्षेत्र से बाहर भेजा गया था। बैरियर पर वाहन की नियमित जांच भी की गई थी, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने नहीं आई है। कोयला नहीं, ड्रेनेज मरम्मत के लिए जा रही थी सामग्री राघवेंद्र सिंह और शिफ्ट इंचार्ज रक्षा राम यादव के अनुसार, वाहन में कोई व्यावसायिक कोयला लोड नहीं था। दरअसल, ओल्ड कैंप क्षेत्र में चल रहे मिट्टी फिलिंग और ड्रेनेज पाइप की मरम्मत के कार्य के लिए ‘सेल बैंड’ (महीन मिट्टी/चूरा) सामग्री ले जाई जा रही थी। ब्लास्टिंग के दौरान ओबी के साथ कोयले के कुछ छोटे टुकड़े आ जाते हैं, जो इस सामग्री में भी दिख रहे थे, लेकिन यह पूरा कोयला नहीं था।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि गेट से गाड़ी की एंट्री और एग्जिट का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में मेंशन है और यह पूरा कार्य पूरी तरह नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया था।




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