धमतरी। बोरई थाना क्षेत्र के ग्राम आमानारा में खेत में दफनाए जा रहे एक महिला के शव की सूचना मिलने पर मंगलवार को पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। प्रारंभिक रूप से मामला संदिग्ध प्रतीत होने के कारण पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन पड़ताल में सामने आए तथ्यों के बाद मामला पूरी तरह अलग निकला।
जानकारी के अनुसार ग्राम आमानारा निवासी बिंदा बाई लंबे समय से मिर्गी एवं हृदय रोग से पीड़ित थीं। उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
इसी दौरान गांव के कोटवार ने खेत में एक ताजा कब्र देख इसकी सूचना बोरई पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार एवं मृत्यु से संबंधित दस्तावेजों और जानकारी का सत्यापन किया।
पुलिस जांच में पता चला कि मृतका के पति ने दो विवाह किए थे, जिसके कारण समाज द्वारा उनका बहिष्कार कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि सामाजिक परंपराओं और बहिष्कार की स्थिति के चलते परिवार को सामान्य रूप से अंतिम संस्कार करने में कठिनाई हुई। इसी वजह से परिजन गांव के एक खेत में शव को दफना रहे थे।
मृतका का पति पिछले लगभग पांच वर्षों से महाराष्ट्र में बोर वाहन के कार्य से जुड़ा हुआ है और गांव से बाहर रह रहा था। पत्नी की मृत्यु की सूचना पति ने पुत्र को उसे के माध्यम से दी गई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सभी पक्षों से पूछताछ कर स्थिति स्पष्ट की।
प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की आपराधिक घटना या हत्या के साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल से प्राप्त जानकारी, परिजनों के बयान एवं अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की गई, जिसमें महिला की बीमारी के उपचार के दौरान मृत्यु होना सामने आया है।
घटना को लेकर गांव में फैली विभिन्न आशंकाओं पर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वापस लाश को गांव वालों की सहमति से एसडीएम की उपस्थिति में क़ब्र को बंद किया गया