Jharkhand News सरकारी जमीन पर बीसीसीएल का कब्जा? सिजुआ में 28 एकड़ भूमि पर बने क्वार्टर-बंगले, जांच के घेरे में कंपनी
धनबाद में 28 एकड़ सरकारी जमीन पर निर्माण का आरोप, बीसीसीएल पर उठे सवाल

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
तेतुलमारी टाउनशिप विवाद: सरकारी भूमि पर करोड़ों की कॉलोनी बनाने का आरोप बीसीसीएल बनाम प्रशासन! सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप की होगी उच्चस्तरीय जांच ग्रामीण रास्ता बंद, सरकारी जमीन पर दीवार और सड़क निर्माण से बढ़ा विवाद 28 एकड़ भूमि पर क्वार्टर और बंगले, अंचल जांच में बीसीसीएल पर गंभीर आरोप
धनबाद : कोयलांचल क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। बाघमारा अंचल अंतर्गत नगरीकला मौजा स्थित लगभग 28 एकड़ अनाबाद सरकारी भूमि पर बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र द्वारा आवासीय कॉलोनी, क्वार्टर और अधिकारियों के बंगले निर्माण कराने के आरोप लगे हैं। अंचल प्रशासन की प्रारंभिक जांच में भी इस संबंध में कई तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार, खाता संख्या-551 (पुराना खाता संख्या-127) की करीब 27 एकड़ 56 डिसमिल भूमि पर तेतुलमारी टाउनशिप के तहत बी, सी और डी टाइप क्वार्टरों के अलावा तीन महाप्रबंधकों के लिए बंगले बनाए गए हैं। वहीं लगभग दो एकड़ भूमि को पार्क और खेल मैदान के लिए छोड़ा गया है। बताया जाता है कि इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं और निर्माण कार्य वर्ष 2015 से जारी रहा। इसके अलावा तेतुलमारी संयुक्त क्षेत्रीय कार्यालय के समीप खाता संख्या-551 के प्लॉट संख्या-3697 और 3698 की लगभग 1.59 एकड़ सरकारी भूमि पर चहारदीवारी और पीसीसी सड़क निर्माण का कार्य भी चल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण के कारण वर्षों पुराना ग्रामीण मार्ग बंद हो गया है, जिससे दलाही, पांडेडीह समेत कई गांवों के लोगों को चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता सरकारी नक्शे में दर्ज है और गांव के बच्चे इसी मार्ग से स्कूल जाया करते थे। रास्ता बंद होने के बाद स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजा नंद किस्कू ने बताया कि निर्माण कार्य के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मामला उपायुक्त के संज्ञान में ला दिया गया है तथा डीसी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अतिक्रमण हटाने और प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण का एक और पहलू यह है कि नगरीकला मौजा की सरकारी भूमि पर अवैध खनन के आरोप पहले भी लग चुके हैं। वर्ष 2023 में तत्कालीन अंचल अधिकारी द्वारा बीसीसीएल के तत्कालीन परियोजना पदाधिकारी और आउटसोर्सिंग कंपनी राधास्वामी इंजीनियरिंग के प्रतिनिधियों के खिलाफ सरकारी जमीन पर खनन कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। हालांकि बीसीसीएल ने सभी आरोपों को खारिज किया है। सिजुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक निर्झर चक्रवर्ती का कहना है कि कंपनी ने संबंधित जमीन प्लॉट-टू-प्लॉट खरीदारी के माध्यम से प्राप्त की है और सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य वैध प्रक्रिया के तहत हुआ है या वास्तव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।




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