नगरीय प्रशासन एवं विकास अपर आयुक्त द्वारा पंडित शीतल प्रसाद तिवारी सार्वजनिक वाचनालय, भोपाल का निरीक्षण

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
नगरीय प्रशासन एवं विकास अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने कहा कि सार्वजनिक वाचनालय केवल अध्ययन स्थल मात्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, जागरूकता, साक्षरता, सकारात्मक सामाजिक वातावरण एवं वैज्ञानिक सोच के विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। समाज में वाचन संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताते हुए जनसहयोग के माध्यम से पुस्तकों के संग्रहण की बात कही। उन्होंने वाचनालयों के सर्वांगीण सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक वाचनालयों को अधिक उपयोगी, सुव्यवस्थित एवं आकर्षक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिये निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएँ एवं निर्देश दिए कि सभी अधिकारी नियमित निरीक्षण करें, जिससे अधिकाधिक बच्चे, विद्यार्थी एवं नागरिक इन उत्कृष्ट सुविधाओं से पूर्णतः लाभान्वित हो सकें।नगरीय प्रशासन एवं विकास अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े द्वारा पंडित शीतल प्रसाद तिवारी सार्वजनिक वाचनालय, भोपाल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उन्होंने वाचनालय की व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया तथा आवश्यक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं पाठकों के अनुकूल बेहतर अध्ययन वातावरण विकसित किए जाने के लिये महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। वाचनालयों के रखरखाव (मेंटेनेंस) पर विशेष ध्यान आकृष्ट करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरंतर निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं सामान्य पाठकों की सुविधा के लिये उन्होंने बैठक व्यवस्था को अत्यंत सुव्यवस्थित करने तथा नियमित रूप से पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाचनालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, उच्च स्तर की साफ-सफाई, समुचित प्रकाश व्यवस्था एवं अध्ययन के लिए पूर्णतः शांत तथा व्यवस्थित वातावरण निर्मित करने के निर्देश दिए।




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