Madhya Pradesh पंचायतों में क्लस्टर बनाकर फॉर्मर रजिस्ट्री के कैम्प आयोजित करें : कलेक्टर
नियमित कोर्ट पेशी लेकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के दिए निर्देश फॉर्मर रजिस्ट्री में प्रगति लाने बॉटम पटवारियों की समीक्षा करने के निर्देश 30 जून तक पीएम सम्मान निधि के किसानों की ई-केवायसी कराने के निर्देश कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने वीसी के माध्यम से की समीक्षा

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं फॉर्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की समीक्षा की। बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं फॉर्मर रजिस्ट्री में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने हेतु पंचायत स्तर पर क्लस्टर बनाकर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने तहसील सटई, घुवारा, गौरिहार, लवकुशनगर एवं महाराजपुर में फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ाने तथा पांच बॉटम तहसीलों के पटवारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
नामांतरण के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नायब तहसीलदार ईशानगर, गढ़ीमलहरा, बक्सवाहा, लवकुशनगर, जुझारनगर एवं सरवई को विशेष रूप से निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सीमांकन के लंबित मामलों में नायब तहसीलदार बसारी, सौरा, मातगुवां तथा तहसीलदार नौगांव एवं गौरिहार को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। वहीं बंटवारा प्रकरणों में भी निराकरण प्रतिशत बढ़ाने के लिए संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित रूप से कोर्ट पेशी लेकर राजस्व प्रकरणों के तीव्रता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी दिए।
द्वितीय फेज में राजस्व अभिलेखों के डिजीटाईजेशन का कार्य शुरू होने वाला है जिसको लेकर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
30 जून तक पीएम किसान हितग्राहियों का बायोमेट्रिक ई-केवायसी अभियान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन किश्तों में प्रदान की जाती है। योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए ई-केवायसी, आधार लिंकिंग, डीबीटी सक्षम बैंक खाता एवं फार्मर आईडी आवश्यक है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी हितग्राहियों के लिए प्रतिवर्ष बायोमेट्रिक माध्यम से ई-केवायसी अनिवार्य किया गया है। यह प्रक्रिया सीएससी केंद्रों पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अथवा पीएम किसान एप में फेस रिकग्निशन के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है।
वर्तमान वर्ष के लिए ई-केवायसी पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। किसानों से समय-सीमा के भीतर ई-केवायसी पूर्ण कराने की अपील की गई है, ताकि योजना की आगामी किश्तों का लाभ बिना बाधा मिलता रहे।




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