सब्जियों की खेती में करें संतुलित उर्वरकों का प्रयोग
सब्जियों की खेती में करें संतुलित उर्वरकों का प्रयोग

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा द्वारा आज दिनांक 11 मई 2026 को ग्राम अशरफपुर विकासखंड मनकापुर गोंडा का भ्रमण किया गया । डॉ. राम लखन सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान ने सब्जियों में संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि तोरई एवं अन्य सब्जियों की उन्नतशील प्रजाति का बीज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी अथवा कृषि विश्वविद्यालय से प्राप्त कर सकते हैं । पालीथीन मल्च का प्रयोग करने पर खरपतवारों का जमाव नहीं होता है तथा सिंचाई जल की आवश्यकता कम होती है । मल्चिंग के प्रयोग से खरपतवारों का जमाव न होने के कारण दिये गये खाद एवं उर्वरक को फसल द्वारा ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर लिया जाता है । किसान भाई मृदा परीक्षण की संस्तुति के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें । इससे फसल की भरपूर उपज मिल जाती है । अमित कुमार मौर्य प्रगतिशील कृषक द्वारा तोरई एवं अरवी की खेती की गई है । सब्जी की फसलों में कृषि रसायनों का प्रयोग मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है । सब्जियों में कीट एवं रोग के प्रबंध के लिए जैविक उत्पादों का प्रयोग करने की आवश्यकता है । एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन को अपनाकर कीटों एवं रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है । इस अवसर पर प्रगतिशील कृषकों विकास मौर्य,अभिषेक मौर्य भगवानदीन, अहमद अली आदि ने प्रतिभाग कर खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त की ।

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